कैलाश नदी में डूबे छात्र का मंगलवार को चौथे दिन शव मिल गया। एसएसपी के निर्देश पर हरिद्वार के हरकीपैड़ी पर तैनात गोताखोरों ने यहां पहुंचकर नदी के निचली सतह तक रेस्क्यू कर छात्र के शव को खोज निकाला। गोताखोरों को करीब 25 फीट गहरे गड्ढे में छात्र का शव पड़ा मिला। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसएसपी ने कहा कि शव को तलाशने वाली हरिद्वार और हल्द्वानी की गोताखोर पुलिस टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।
बीती 7 मार्च को बिज्टी गांव निवासी जगजीत सिंह टोनी (20) पुत्र अमरीक सिंह गांव में ही बह रही कैलाश नदी में साथियों के साथ नहाने गया था। जैसे ही वह नदी में कूदा तो नदी की गहराई अधिक होने से वह पानी में डूब गया। तब से स्थानीय प्रशासन और जल पुलिस के जवान नदी में डूबे छात्र की खोजबीन में लगे थे। एसडीएम ने नदी के पानी का रुख डायवर्ट करने के लिए दो जेसीबी और पोकलैंड मशीन लगाई थी, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी थी।
मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीलेश आनंद भरणे के निर्देश पर हरकीपैड़ी पर तैनात गोताखोर की टीम को बुला नदी में रेस्क्यू कराया गया। जिस पर गोताखोर को करीब 25 फीट गहरे गड्डे में टोनी का शव पड़ा हुआ मिला। गोताखोर टोनी के शव को बाहर ले आए। जैसे ही शव नदी से बाहर निकाला गया परिजनों में कोहराम मच गया। मां परमजीत कौर, दादी गुरमेज कौर और बहन मनप्रीत कौर के करुण क्रंदन से लोगों की आंखें भर आईं।
सीओ जेआर जोशी ने मृतक टोनी के शव का पंचनामा भराकर पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेज दिया। इस मौके पर एसडीएम अनिल शुक्ला, प्रभारी निरीक्षक डीआर आर्य सरकड़ा चौकी इंचार्ज दिनेश नाथ आदि मौजूद थे।