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फारेस्ट गार्ड हत्याकांड : तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

Sat, 18 Jun 2016 12:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
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भ्‍ाीड़ - फोटो : अमर उजाला
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किलपुरा वन रेंज में बृहस्पतिवार देर रात फारेस्ट गार्ड मनोहर सिंह (33) पुत्र गोविंद सिंह की गोली मारकर हत्या करने के मामले में मौके पर मौजूद फारेस्ट गार्ड मैनेजर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने बिरिया मझोला गांव के तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटनास्थल जंगल के अंदर न होकर आबादी के पास होने के कारण पुलिस मामले की कई एंगल से जांच कर रही है। पुलिस हत्या के ठोस कारण की तलाश रही है। एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने कहा कि हत्या की वजह शीघ्र खोजकर हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।
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बृहस्पतिवार देर रात किलपुरा वन रेंज के फारेस्ट गार्ड मनोहर सिंह, मैनेजर सिंह, ठाकुर सिंह गश्त पर थे। पुलिस को सौंपी तहरीर में मैनेजर सिंह ने कहा कि वह तीनों लोग लगभग दस बजे किलपुरा वन रेंज के कंपार्ट नंबर 26 में गश्त पर थे। इस दौरान वह लोग एक पुलिया पर बैठे थे कि अचानक मनोहर किसी का फोन आने पर बात करता हुआ कुछ आगे बढ़ गया। तभी उन्होंने गोली की आवाज सुनी और तीन लोग वहां से भागते हुए नजर आए। जिन्हें उन्होंने टार्च की रोशनी में देखा जिसमें टार्जन, बलवंत चंद, किशन चंद निवासी विरिया मझोला थे। गोली लगने से मनोहर की मौत हो गई। 

पुलिस ने मैनेजर की तहरीर के आधार पर तीन लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसएसपी ताकवाले ने दोनों फारेस्ट गार्डों के बयान लिए हैं। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। फारेस्ट गार्ड की हत्या के बाद पूरा वन महकमा सकते में है। इस दौरान डीएफओ पराग मधुकर धकाते, कार्बेट पार्क के डिप्टी डायरेक्टर साकेत वडौला, एसडीओ एनसी पंत, राजेश श्रीवास्तव, आरके मौर्य, किरन चंद्र कफल्टिया आदि थे। 
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सीआईयू कर रही मामले की जांच
फारेंसिक एक्सपर्ट डा. दयाल शरण ने घटनास्थल की जांच पड़ताल कर कुछ साक्ष्य जुटाए हैं। उन्होंने बताया कि हत्यारों ने बहुत नजदीक से गोली मारी है। उन्होंने बताया कि मृतक के शरीर में आगे और पीछे दो छेद दिखायी दे रहे हैं। जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि 315 बोर की गोली चलाई गई है। 

डा. शरण ने बताया कि घटनास्थल गांव से लगा हुआ है। जिस जगह शव मिला है वह तिराहा है। नजदीक में कुछ झोपड़ियां भी हैं। इस दौरान कोतवाल बीएल विश्वकर्मा ने भी कुछ साक्ष्य डा. शरण को उपलब्ध कराए हैं। इधर सीआईयू  प्रभारी प्रभात कुमार ने भी अपनी टीम के साथ मामले की जांच शुरु की है। मृतक का मोबाइल भी पुलिस के कब्जे में है। 


डेढ़ माह पहले स्थायी नियुक्ति हुई थी मनोहर की
मृतक फारेस्ट गार्ड मनोहर सिंह की आठ मई को स्थायी नियुक्ति हुई थी। इससे पहले मृतक हल्द्वानी तराई पूर्वी वन प्रभाग में संविदा पर कार्यरत था। मूल रूप से अल्मोड़ा सल्ट निवासी मनोहर के तीन बच्चे हैं, जो रामनगर में रहते हैं। डेढ़ माह पहले किलपुरा वन रेंज में मृतक की स्थायी नियुक्ति हुई थी।



संवेदनशील जगहों पर बनेगी वन विभाग और पुलिस की संयुक्त चौकियां
एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने डीएफओ डा. पराग मधुकर धकाते, एएसपी पंकज भट्ट को निर्देशित कर जनपद के सभी वन रेंज जहां खनन माफिया, लकड़ी तस्कर सक्रिय हैं। उन जगहों की सूची तैयार कर संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी जगहों पर संयुक्त चौकियां स्थापित की जाएं ताकि अपराधियों को पकड़ा जा सके। उन्होंने एएसपी भट्ट को शीघ्र ही वन विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कराने को कहा।


स्थानीय लोगों से सामंजस्य बनाकर सूचना का करें आदान-प्रदान : धामी
विधायक पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस व वन विभाग के अधिकारियों से भेंट कर घटना के संबंध में जानकारी ली और मामले का शीघ्र खुलासे को कहा। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र में वन विभाग, एसएसबी व पुलिस को संयुक्त रूप से काम करने की आवश्यकता है। 

ताकि अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सके। धामी ने कहा कि बगैर स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग के बिना आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण नहीं पाया जा सकता। उन्होंने कहा कि सीमा पर ग्रामीणों व एसएसबी के बीच सामंजस्य नहीं बन पा रहा है। अक्सर सीमांत क्षेत्र के भ्रमण पर शिकायतें मिलती हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों व ग्रामीणों के बीच लगातार मीटिंग होनी चाहिए ताकि उनमें सामंजस्य बने और सूचनाओं का आदान प्रदान हो। 
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