भारी बारिश व नदियों के बढ़ते जलस्तर से लोग सहमे हुए हैं। इसके बावजूद बचाव कार्य में लगाए गए कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं। सोमवार को तहसील में बने बाढ़ नियंत्रण कक्ष में फोन घनघनाता रहा, लेकिन वहां फोन उठाने को कोई मौजूद नहीं था।
काशीपुर में सात बाढ़ चौकियां एवं दो राहत केंद्र बनाए गए हैं। सोमवार को बाढ़ नियंत्रण कक्ष में बैठने वाले अफसर ही नदारद रहे। इससे नियंत्रण कक्ष में लगाया गया टेलीफोन घनघनाता रहा। बाढ़ की स्थिति जानने पहुंचे लोग अधिकारियों के न मिलने पर बैरंग लौटते दिखाई दिए।
इससे लोगों को कहां कितना पानी भरा एवं कितने लोग बारिश से प्रभावित हुए यह जानकारी नहीं मिल सकी। वहीं तहसीलदार संजय कुमार ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष में कर्मचारियों के न मिलने पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।