एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी ने जसपुर, काशीपुर, सितारगंज और गदरपुर तहसील की जांच निपटाने के बाद अब रुद्रपुर और किच्छा तहसील में किये गये घोटाले की जांच शुरू कर दी है।
किच्छा तहसील में भी पांच ऐसे मामले एसआईटी की पकड़ में आए हैं। जिनमें कृषि दर से पारित अभिनिर्णय आदेशों को संशोधित कर अकृषक दर से पारित किया गया है। फिलहाल एसआईटी उक्त दोनों तहसीलों के दस्तावेजों का अध्ययन कर घोटाले में लिप्त काश्तकारों को नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है।
भूमि मुआवजा घोटाले में जांच की प्रक्रिया के तहत अब एसआईटी ने रुद्रपुर और किच्छा तहसील की जांच पर अपना ध्यान केंद्रित कर लिया है। अन्य तहसीलों की तरह ही उक्त दोनों तहसीलों में भी तत्कालीन अफसरों द्वारा भूमि अधिग्रहण के नाम पर करोड़ों के कमीशन का खेल किया गया है। अफसरों और बिचौलियों की मिली भगत से किसानों की भूमि का पिछली तारीख में 143 किया गया जिसके साक्ष्य जुटाने के लिए अब एसआईटी ने दोनों तहसीलों के दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया है।
एसआईटी की मानें तो रुद्रपुर तहसील में किसी भी तरह की गड़बड़ी अभी सामने नहीं आई है। लेकिन किच्छा तहसील के ग्राम किशनपुर, भंगा, पिपलिया और सिरौली खुर्द में पांच ऐसे मामले हैं जिनमें वर्ष 2014 -15 में तत्कालीन अफसरों द्वारा कृषि दर के अनुसार पारित अभिनिर्णय आदेशों को पुन: संशोधित कर अकृषक दर से पारित कर भारी अनियमितता की गई।
उक्त सभी मामलों में फिलहाल यह माना जा रहा है कि जेल भेजे गये अधिकारियों द्वारा ही कूटरचना से इसे अंजाम दिया गया लेकिन इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि दस्तावेजों की पड़ताल के बाद कुछ और लोगों को भी एसआईटी अपनी जांच में शामिल कर सकती है। कुछ काश्तकारों को नोटिस भेजने की तैयारी भी एसआईटी द्वारा की जा रही है।
छह लोगों के खिलाफ अभियोजन आदेश लेने की तैयारी
भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी द्वारा अब तक की जांच के बाद चार पीसीएस अफसरों सहित 18 लोगों को जेल भेजा गया है जिसमें से 12 लोगों के खिलाफ एसआईटी कोर्ट में आरोप पत्र भी दाखिल कर चुकी है। हाल ही में गिरफ्तार किए गए छह अन्य लोगों के खिलाफ भी एसआईटी अभियोजन आदेश लेने की तैयारी कर रही है। आदेश मिलते ही इनके खिलाफ भी एसआईटी द्वारा कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया जाएगा।
काश्तकारों के मामले में ढीली पड़ी एसआईटी
भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी अब तक 18 लोगों को जेल भेज चुकी है लेकिन गिरफ्तारी की डर से फरार चल रहे करोड़ों का मुआवजा डकारने वाले आठ काश्तकारों के मामले में एसआईटी ढीली पड़ गई है। जबकि कोर्ट द्वारा फरार चल रहे काश्तकारों के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया है।