एनएच-74 में हुए भूमि अधिग्रहण में कृषि भूमि को कामर्शियल दिखाकर लिये गये करोड़ों के मुआवजे के मामले में डीएम चंद्रेश कुमार ने एसएसपी सेंथिल अबुदई को पत्र भेजकर 100 से अधिक मामलों में संबंधित विभागों के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा है। चिन्हित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज होने के बाद एसआईटी द्वारा मामले की जांच की जायेगी।
डीएम चंद्रेश कुमार ने बृहस्पतिवार शाम एसएलओ दिनेश कुमार सिंह के कार्यालय पहुंचकर ग्राम हरलालपुर और बिचपुरी की पत्रवालियों की जांच की थी। सूत्रों के अनुसार जिस वक्त नेशनल हाईवे का गजट नोटिफिकेशन हुआ था उस समय उक्त गांवों से ली जा रही भूमि को कृषि भूमि दर्शाया गया और बाद में उन्हीं जमीनों की 143 कर दी गई। इस पर इन जमीनों का दस गुना मुआवजा लिया गया। बताया जा रहा है कि इसके अलावा भी इन पत्रावलियों में कई अनियमितताएं पाई गईं, जिसे देखते हुए सभी तहसीलों में 2011 के बाद से हुई 143 की पत्रावलियों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। इनमें खास तौर पर उन पत्रावलियों को अलग किया जा रहा है, जो नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण से जुड़ी हैं।
शुक्रवार को डीएम चंद्रेश कुमार ने पत्रकारों से वार्ता कर कहा कि एनएच 17 में हुए भूमि अधिग्रहण में कृषि भूमि को कामर्शियल भूमि दिखाकर लिए गये मुआवजे के मामले में आयुक्त डी सेंथिल पांडियन के निर्देशों पर मामले में लिप्त विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचरियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए एसएसपी सेंथिल अबुदई को पत्र भेजा गया है। मामले में लिप्त लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद एसआईटी द्वारा मामले की जांच की जायेगी।