एनएच-74 में हुए करोड़ों रुपए के घोटाले से संबंधित फाइलों को अब कोषागार में डबल लॉक में रखी जाएंगी। इस मामले से जुड़ी फाइलों के गायब होने के बाद अब रिकार्ड को खुर्द-बुर्द करने की आशंका है। इस मामले में कई पीसीएस अफसरों के फंसने के पुख्ता आसार बन रहे हैं।
बुधवार को कुमाऊं कमिश्नर ने जिले के सभी उप जिला अधिकारियों से एनएच-74, एनएच-125 के चौड़ीकरण में शुरुआत से लेकर अब तक का पूरा ब्यौरा देने को कहा। इसमें जांच समिति को यह भी आशंका सताने लगी है कि जांच रिकॉर्ड को ही नष्ट न कर दिया जाए।
एसएलओ ऑफिस में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं और आफिस में पुलिस फोर्स को भी तैनात कर दिया गया है। वर्तमान एसएलओ एनएस नबियाल का कहना है कि कहीं रिकॉर्ड को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे, इसलिए इसकी सुरक्षा की तैयारी कर दी गई है।
अब यह भी माना जा रहा है कि इस खेल में चार पीसीएस अफसर भी फंसेंगे। पूर्व में भी इस रिकार्ड से संबंधित फाइलें गायब हुईं थी और इसकी जांच आख्या शासन को भेजी जा चुकी है। हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने वाले ग्राम बरा तहसील किच्छा निवासी रामनारायण गंगवार ने यूपी, उत्तराखंड के महानिदेशक जांच, अन्वेषण आयकर को भी लिखित शिकायत दी है।
एनएच चौड़ीकरण में शुरुआती दौर से हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में अभी सभी एसडीएम सहित कानूनगो, पटवारियों से और ब्यौरा मांगा है। इसमें अभी और घोटाले की परतें खुल रही हैं, जांच शासन को सौंप दी है, लेकिन रिकॉर्ड को किसी तरह का नुकसान न हो इसलिए डीएम को निर्देशित कर दिया है कि रिकॉर्ड को ट्रेजरी के डबल लॉक में रखा जाए।
- डी. सेंथिल पांडियन, कमिश्नर कुमाऊं