जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरसी कुकरेती की अदालत ने हत्या के आरोपी तीन भाईयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना डाला।
न्यायिक सूत्रों के मुताबिक सात नवंबर 2011 को ग्राम अमरपुर निवासी गज्जन सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराकर कहा था कि सुबह करीब छह बजे उसके पिता जोेगेंद्र सिंह अपने खेत की मेड़ ठीक कर रहे थे। इस दौरान पड़ोस में रहने वाले जरनैल सिंह, जगीर सिंह व सुखविंदर सिंह वहां आ धमके। तीनों भाइयों ने उसके पिता से गाली गलौच कर खेत से जाने को कहा। मना करने पर तीन ने बल्लम, पाटल व डंडों से उस पर हमला कर दिया। शोर सुनकर गज्जन सिंह, वजीर सिंह, बलजीत सिंह, चाची कश्मीर कौर व ट्रैक्टर चालक सुखविंदर सिंह मौके पर पहुंचे। इस दौरान हमलावर वृद्ध को पीटते हुए घसीटकर ले जा रहे थे। विरोध करने पर हमलावर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। मौजूद लोगों ने गंभीर रुप से घायल जोगेंद्र सिंह को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने तीनों भाइयों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर नौ नंवबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। न्यायाधीश ने गवाहों के बयान व पत्रावली का परिशीलन करने के बाद तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। मंगलवार को न्यायाधीश आरसी कुकरेती ने तीनों को आजीवन कारावास व पचास-पचास हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माने की राशि में से एक लाख रुपए मृतक के परिजनों को देने का आदेश दिया।