नाबालिग छात्रा के अपहरण और गैंग रेप के आरोप में नामजद आरोपी के पक्ष में कुछ जनप्रतिनिधि मंगलवार को सीओ डा. उत्तम सिंह नेगी से मिले।
जनप्रतिनिधियों ने सीओ को बताया कि मुख्य अभियुक्त को छोड़ दिया गया है, जबकि जिसने किशोरी को बाइक से लिफ्ट देकर घोसीकुआं तक छोड़ा, उसके नाम पर झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।
आरोपी बनाए गए युवक के मामा मंगलवार को जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर सीओ डा. नेगी से मिले। उन्होंने कहा कि उनका भांजा कानपुर यूपी में रहता है। उसका भांजा यहां गौहर पटिया गांव में आता रहता है।
24 जुलाई को उनका भांजा टेड़ाघाट से गोहरपटिया जा रहा था कि टैंपो स्टेंड के पास एक किशोरी ने उससे लिफ्ट मांगी और घोसीकुआं छोड़ने को कहा।
किशोरी को घोसीकुआं छोड़कर वह वापस अपने घर चला आया। अब उसके भांजे को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है, जबकि इस प्रकरण में मुख्य आरोपी कोई और है।
उन्होंने एक अन्य युवती का बयान भी प्रस्तुत किया, जिसमें उस युवती ने घटना के दिन पीड़ित युवती को अपने साथ होना बताया है। उसने आरोपी युवक को बेगुनाह बताते हुए पीड़िता के किसी और के साथ जाना बताया।
पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा, ब्लॉक प्रमुख दान सिंह राणा, कांग्रेस प्रदेश सचिव महेश जोशी, ज्येष्ठ उप प्रमुख रेखा सोनकर आदि ने सीओ से इस प्रकरण की जांच के बाद कार्रवाई की मांग की। वहां ग्राम प्रधान रेखा देवी, बीडीसी सदस्य दीपक भट्ट, परमजीत सिंह, राजू सोनकर, बीना राणा आदि थे।