एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में मनी लांड्रिंग के मामलों की जांच कर रही ईडी ने जिला प्रशासन से कोषागार के डबल लॉक में बंद घोटाले से संबंधित काशीपुर, गदरपुर, बाजपुर और जसपुर के दस्तावेज मांगे है। सोमवार को कोषागार के अधिकारियों ने दो तहसीलों के दस्तावेज निकाल लिए। अब मंगलवार को अन्य दो तहसीलों के दस्तावेज निकालने के बाद जिला प्रशासन उन्हें ईडी के सुपुर्द करेगा।
भूमि मुआवजा घोटाले में अधिकारियों की ओर से काश्तकारों से ली गई मुआवजे की रकम को बिचौलियों के माध्यम से ठिकाने लगाया गया था। मनी लॉड्रिंग के ऐेसे मामलों की जांच भारत सरकार के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से की जाती है। एसआईटी जांच में मनी लांड्रिंग के मामले सामने आने पर ईडी जांच में शामिल हुआ था। दिसंबर 2017 में ईडी ने एसआईटी को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी थी।
अक्तूबर में एसआईटी ने सहायक निदेशक भारत सरकार प्रवर्तन निदेशालय को बिंदुवार प्रथम सूचना रिपोर्ट भेजी। इसके बाद ईडी की टीम ने तीन बार रुद्रपुर पहुंचकर एसआईटी से जानकारी ली और तहसीलों से भी दस्तावेज जुटाए। बीती पांच जुलाई को ईडी ने एक बार फिर रुद्रपुर पहुंचकर मनी लांड्रिंग में शामिल कुछ लोगों से पूछताछ की। पूछताछ में ईडी को जसपुर के एक काश्तकार ने उसे मुआवजे के रूप में मिले 17 करोड़ रुपये में से नौ करोड़ रुपये तत्कालीन एसएलओ डीपी सिंह को देने का खुलासा किया था। साथ ही काशीपुर में भी मनी लांड्रिंग के कुछ साक्ष्य ईडी को मिले थे।
अब ईडी ने आगे की जांच के लिए रुद्रपुर कोषागार के डबल लॉक में बंद काशीपुर, गदरपुर, बाजपुर और जसपुर के दस्तावेज जिला प्रशासन से मांगे हैं। विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी और एसएलओ एनएस नबियाल ने बताया कि ईडी की मांग पर सोमवार को जसपुर और काशीपुर तहसील के कर्मचारियों को बुलाकर दस्तावेज निकाले गए हैं। मंगलवार को बाजपुर और गदरपुर के दस्तावेज निकालने के बाद सभी को एक साथ ईडी के सुपुर्द किया जाएगा।