दिव्यांग युवक ने जहर खाकर जान दे दी। मृतक के पास से बरामद सुसाइड नोट में उसने नानकमत्ता और बरा थाना पुलिस के साथ ही हरियाणा पुलिस और सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी के हड्डी रोग विशेषज्ञ पर आत्महत्या के लिए विवश करने का आरोप लगाया। आत्महत्या से पहले उसने ये पत्र प्रधानमंत्री, उत्तराखंड और हरियाणा के मुख्यमंत्री, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष सहित तमाम उच्चाधिकारियों को भी भेजा और नामित आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई। थाना पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के भेज दिया।
ग्राम कल्यानपुर थाना नानकमत्ता निवासी सुखदेव कौर पत्नी कुलवंत सिंह मगंलवार को सुबह सोकर उठी तो उसने अपने दिव्यांग पुत्र गुरुराज सिंह (23) को बिस्तर पर बेसुध पड़ा देखा। घबराई सुखदेव कौर ने अपने पति कुलवंत सिंह और अन्य पुत्रों को आवाज देकर बुलाया। परिजनों ने उसे देखा तो गुरुराज की मौत हो चुकी थी।
मृतक के पास ही एक पत्र पड़ा था, जिसमें आत्महत्या की बात लिखी थी। ग्राम प्रधान पुरुषोत्तम सिंह के सूचना देने पर थानाध्यक्ष अशोक कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की मां सुखदेव कौर और परिजनों ने आरोप लगाया कि नानकमत्ता थाना, बरा चौकी और हरियाणा की पुलिस आए दिन उसे परेशान करती थी।
शाम करीब पांच बजे मृतक के परिजन ग्रामीणों को लेकर ग्राम प्रधान पुरुषोत्तम सिंह और पचपेड़ा के प्रधान सुरेंदर सिंह करनावल के नेतृत्व में थाने पहुंचे। पुलिस क्षेत्राधिकारी बीएल मधवाल को शिकायती पत्र सौंपा, जिसमें आत्महत्या के लिए उकसाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। सीओ ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
थाने में प्रदर्शन की सूचना से पुलिस ने सुरक्षा के इंतेजाम किए थे। थाना पुलिस के अलावा प्रतापपुर चौकी, खटीमा कोतवाली से भी पुलिस बल बुला लिया गया था। वार्ता शांतिपूर्ण होने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। मृतक की मां सुखेदव कौर, शेर सिंह, रंजीत सिंह, सेवा सिंह, गुरदेव सिंह, सवर्ण सिंह, सूरत सिंह, हरवंश सिंह, गुरमेज सिंह आदि थे।
दस माह पहले हरियाणा पुलिस की गोली लगने के बाद काटी गई थी टांग
जहरीला पदार्थ खाकर मौत को गले लगाने वाला गुरुराज इंटर तक पढ़ा था। इसी वर्ष चार जनवरी को हरियाणा के थाना धारुहेडा जिला रेवाड़ी की पुलिस वाहन चोरी के आरोप में उसकी तलाश में यहां आई थी। पांच जनवरी को शक्तिफार्म सिरसा मोड़ पर घेराबंदी के दौरान भागते हुए गुरुराज पर पुलिस ने गोली चला दी थी। गोली उसके पैर में लगी थी, जिसका सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचार के दौरान बायां पैर घुटने से काटा गया था।
उपचार के बाद से रेवाड़ी पुलिस उसे लूट और चोरी के आरोप में दर्ज मुकदमा संख्या 572/016 की धारा 392, 397 तथा 427 आईपीसी के तहत गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई और जेल भेज दिया था। थानाध्यक्ष नानकमत्ता अशोक कुमार ने बताया कि 25 अक्तूबर 2009 को थाने में गुरुराज के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ था, जो न्यायालय में विचाराधीन है।
दिव्यांग ने इनको ठहराया जिम्मेदार
दिव्यांग में सुसाइड नोट में उत्पीड़न का आरोप लगाया। एसओ नानकमत्ता योगेश कुमार, एसआई सोनिका जोशी, सिपाही बरा प्रदीप सिंह, सुनील कुमार, पूर्व थानाध्यक्ष पुलभट्ठा हरेंद्र चौधरी, एसआई धारूहेडा जिला रेवाड़ी (हरियाणा) नरेश कुमार, सिपाही अमित कुमार थाना रेवाड़ी, एसएसआई थाना धारूहेडा वीरेंद्र सिंह, एसएचओ थाना धारूहेडा रेवाडी कुलदीप सिंह और बाबू लाल, श्याम किशोर के साथ ही सुशीला तिवारी चिकित्सालय हल्द्वानी के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. गणेश सिंह के नाम पत्र में शामिल हैं ।
गुरुराज का एसटीएच में छह-सात माह पहले इलाज चला था। उस समय पर 10-15 दिन भर्ती भी रहा था। उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। वह पूरी तरह सही हो गया था।
- डॉ. गणेश सिंह, एसटीएच