एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले के मुख्य आरोपी डीपी सिंह के कोर्ट में सरेंडर करने की आस लगाए एसआईटी के हाथ मंगलवार को खाली रहे। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने डीपी को आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए थे, जिसके आधार पर एसआईटी को उम्मीद थी कि डीपी कोर्ट में आत्मसमर्पण कर सकता है। अब एसआईटी बुधवार को डीपी के नैनीताल स्थित विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार में आत्मसमर्पण करने की उम्मीद जता रही है। इसके साथ ही डीपी की धरपकड़ के लिए भी एसआईटी कई स्थानों पर दबिश दे रही है।
बता दें कि पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए डीपी सिंह ने कुछ समय पहले नैनीताल हाइकोर्ट से स्टे लिया था, जिसे सुनवाई के बाद हाइकोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद डीपी सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंचा, यहां भी उसकी याचिका खारिज कर दी थी। 10 नवबर को डीपी ने एक और एसएलपी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की, जिस पर बीते सोमवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डीपी पहले आत्मसमर्पण करे उसके बाद ही उसकी किसी याचिका पर सुनवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार एसआईटी डीपी के भाई आरपी सिंह के संपर्क में भी है। साथ ही डीपी की धरकपड़ के लिए लखनऊ, बरेली और देहरादून में भी पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। रुदपुर और बाजपुर तहसील के घोटाले की जांच के लिए भी एसआईटी ने बुधवार को दोनों तहसीलों के पांच काश्तकारों से पूछताछ की।
राजस्व परिषद को भेजा रिमाइंडर
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले के मुख्य आरोपी डीपी सिंह की धरपकड़ के लिए एसआईटी कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहती। भूमिगत हुए डीपी की जानकारी जुटाने के लिए एसआईटी ने मंगलवार को राजस्व विभाग देहरादून को भी रिमाइंडर भेजा है। घोटाले का राज खुलने के बाद शासन ने डीपी को निलंबित करने के बाद राजस्व परिषद में संबद्ध कर दिया था, लेकिन पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए डीपी भूमिगत हो गया जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि डीपी राजस्व परिषद में भी गैर हाजिर चल रहा है। सप्ताह भर पूर्व एसआईटी ने राजस्व परिषद से डीपी के संबद्ध में जानकारी मांगी थी, लेकिन एसआईटी को अब तक जानकारी नहीं मिली जिसके बाद एसआईटी ने मंगलवार को राजस्व परिषद को रिमाइंडर भेजा है।