फर्जी शादी कर पैसा कमाने के लिए मानव तस्करी करने वाले गिरोह का मंगलवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। मामले में तीन महिलाओं सहित चार पुरुषों को पुलिस ने हिरासत में लेकर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अमर उजाला ने आरोपियों के नामों का खुलासा करने के साथ ही पूरे घटनाक्रम से पहले ही पर्दा उठा दिया था।
कोतवाली परिसर में मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी सेंथिल अबुदई केएस ने बताया कि 16 दिसंबर को अंबेडकर पार्क गणेश नगर बरेली निवासी रामकुमार ने अपने संजयनगर बरेली निवासी दामाद प्रदीप, खेड़ा रुद्रपुर निवासी सोनू चौहान और ट्रांजिट कैंप निवासी पुष्पा चौहान के खिलाफ उसकी पुत्री व एक अन्य महिला को बेचे जाने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
कोतवाल एनएन पंत द्वारा एसआई भीम भाष्कर के नेतृत्व में टीम का गठन कर फिरोजाबाद, मथुरा व राजस्थान में भेजा गया। जहां पर टीम ने आरोपी पुष्पा चौहान निवासी वार्ड नंबर 1 ट्रांजिट कैंप, गुड़िया निवासी सुहागनगर फिरोजाबाद, आशा निवासी फरीदपुर बरेली, राजेश यादव निवासी सुहागनगर फिरोजाबाद, अमर सिंह शेरावत निवासी तैलहरिया थाना कटुमर जिला अलवर राजस्थान सहित प्रदीप और सोनू को गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी के अनुसार आरोपियों द्वारा दोनों महिलाओं का सौदा 1 लाख 65 हजार रुपयों में किया गया था। इसमें से 25,300 रुपए पुलिस ने बरामद किए हैं। आरोपियों द्वारा कितनी महिलाओं को बेच कर फर्जी शादी कराई जा चुकी है, इस संबंध में सघन विवेचना की जा रही है। एसएसपी सेंथिल अबुदई केएस ने ढाई हजार और एएसपी मंजूनाथ टीसी ने 500 रुपए इनाम देने की घोषणा की है।
बेसिक पुलिसिंग से मिली टीम को सफलता
युवतियों की फर्जी शादी कराकर पैसा कमाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन टीम ने बेसिक पुलिसिंग का सहारा लेकर मामले का पटाक्षेप कर दिया। बता दें कि उक्त मामले की जानकारी सबसे पहले बरेली पुलिस को प्राप्त हुई लेकिन बरेली पुलिस ने मामले को उत्तराखंड का बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया। उसके बाद पीड़ित अपनी शिकायत लेकर रुद्रपुर पुलिस के पास पहुंचे और यहां की पुलिस ने पीड़ितों से मिली जानकारी के सहारे महज कुछ ही दिनों में मामले का खुलासा कर दिया। कोतवाल एनएन पंत के अनुसार मामले की तह तक जाने के लिए पूरी तरह बेसिक पुलिसिंग का सहारा लिया गया।
फर्जी शादी को असली दिखाने के लिए छपवाया था कार्ड
युवतियों की फर्जी शादी कराकर पैसा कमाने के मामले में दलालों ने फर्जी शादी को असली दिखाने के लिए शादी का कार्ड भी छपवाया था। युवतियों को राजस्थान ले जाने के बाद दलालों ने राजस्थान निवासी अमर सिंह शेरावत के माध्यम से दो युवकों से शादी का सौदा तय किया। लेकिन शादी होने से पहले ही एक युवती दलालों के चंगुल से भाग निकली। इसके बाद दलालों ने दूसरी युवती की शादी करने से पहले उसकी शादी का कार्ड छपवाया और कार्ड में उसका नाम सुमन लिखा गया। इसके बाद 14 दिसंबर को राजस्थान स्थित चौमू के एक मैरिज हॉल में युवती की शादी इटावा भोजी राजस्थान निवासी भीवाराम से की गई। योजना के अनुसार 16 दिसंबर को युवती को अपने घर वापस आ जाना था लेकिन वह नहीं आई और पुलिस की गिरफ्त में आ गई।
खोखा लगाने वाले राजेंद्र का नहीं मिला सुराग
युवतियों की तस्करी के मामले में पुलिस द्वारा सात आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद मामले का खुलासा कर दिया गया, लेकिन मामले में लिप्त राजेंद्र का पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी। जयपुर के चौमू हाइवे पर ठेला लगाने वाले राजेंद्र ने ही आरोपी गुड़िया और आशा को अमर सिंह शेरावत से मिलाया था और अमर सिंह ने अपने परिचित लड़कों के साथ युवतियों की शादी तय कराई गई थी। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि युवतियों का सौदा भी राजेंद्र के ही माध्यम से हुआ होगा।
अमर उजाला ने पहले ही कर दिया था मामले का पूरा खुलासा
युवतियों की तस्करी के मामले का खुलासा अमर उजाला ने पहले ही अपनी खबर में कर दिया था। मंगलवार को पुलिस ने मामले की जो पूरी कहानी बताई अमर उजाला पहले दिन से ही इसकी परतें खोल रहा था। खबरों में जहां आरोपियों के नामों का खुलासा किया गया वहीं यह भी बता दिया था कि इस मामले के तार रुद्रपुर से लेकर राजस्थान तक जुड़े हैं।