अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 में संशोधन के फैसले के खिलाफ भारत के बंद के समर्थन में जिले भर में दलित संगठनों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। विभिन्न संगठनों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर संशोधन को वापस लेने और एक्ट को पहले की तरह लागू करने की मांग की।
जिला मुख्यालय पर अनुसूचित जाति जनजाति संगठनों के अखिल भारतीय परिसंघ, समता सैनिक दल, सपा अनुसूचित जाति जनजाति प्रकोष्ठ, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति भेल कर्मचारी कल्याण समिति संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता अलग-अलग जुलूसों के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचे। कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के बनाए गए संविधान से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभिन्न संगठनों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एडीएम जगदीश कांडपाल को सौंपा। वहां ममता रानी, कालीचरण, विनोद कुमार गौतम, गोपाल गौतम, गोपाल भारती, नंद किशोर आदि थे। उधर गदरपुर में कांग्रेस अनुसूचित विभाग के प्रदेश संयोजक अनिल सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का पुतला फूं का। वहां बृजेश चौधरी, अमरनाथ, मोहन सिंह, सुनील कुमार आदि थे।
बाजार बंद कराकर जुलूस निकाला
काशीपुर। काशीपुर में विभिन्न संगठनों ने शांतिपूर्वक मुख्य बाजार बंद कराते हुए जुलूस निकाला। व्यापार मंडल अध्यक्ष दीपक वर्मा ने व्यापारियों की स्वेच्छा से प्रतिष्ठानों को बंद कराया। आदि धर्म समाज, डॉ. भीमराव अंबेडकर कल्याण समिति, भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज, आदर्श जाटव कल्याण समिति, शिल्पकार महासभा, वाल्मीकि युवा संघ, नगर वाल्मीकि पंचायत, वाल्मीकि सभा समिति आदि संगठनों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। वहां पर हिमांशु गौरव, जितेंद्र देवांतक, उमेश सौदा, कृपाल सिंह, सुनील, रामचंद्र सिंह, आरपी सिंह, महेंद्र बेदी आदि थे। उधर, जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित विभाग के जिलाध्यक्ष राकेश भगत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। वहां संदीप सहगल, अमित, विशाल, सुरेंद्र सागर, राजेश सागर आदि थे।
मेयर की अनुपस्थिति से दलित समाज में रोष
रुद्रपुर। एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में दलित समाज से जुड़ी मेयर सोनी कोली की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही। विभिन्न संगठनों से जुड़े दलित समाज के लोगों ने मेयर की इस भूमिका पर सवाल उठाते हुए रोष जाहिर किया।
बाजपुर और केलाखेड़ा में भी हुआ प्रदर्शन
बाजपुर/केलाखेड़ा/जसपुर। दलित नेता डोरीलाल सागर, डीआर बाराकोटी, धनराजभारती, बब्बू सागर के नेतृत्व में दलित समाज के लोग जुलूस की शक्ल में तहसील पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर एसडीएम कोर्ट में प्रदर्शन कर एसडीएम नरेश दुर्गापाल को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। वहां अशोक गौतम, जसवंत सिंह भारती, अरुण भारती, कुंवर सिंह, बलवीर सिंह, कालीचरण आदि थे। उधर केलाखेड़ा में यादराम सिकंदर, नरेश कुमार, अमन, राजा वाल्मीकि, चंद्रसेन आदि ने नगर पंचायत ईओ महेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। उधर जसपुर में अनुसूचित जाति के लोगों ने मुख्य मार्गों से जुलूस निकालकर एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। वहां डॉ. शुभ, एसपी सिंह, सोहित, अशोक, सूरज, अजय सागर आदि थे।
केंद्र सरकार पर संविधान से छेड़छाड़ का आरोप
खटीमा/सितारगंज। एससी-एसटी संयुक्त संघर्ष मोर्चा और अन्य सामाजिक संगठनों के बैनर तले लोगों ने जुलूस निकाला। वक्ताओं ने केंद्र सरकार और आरएसएस पर संविधान से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। वहां पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा, एसके सेन, रमेश राणा, राजू सोनकर, नरेंद्र आर्य, प्रदीप कुमार आदि थे। अधिवक्ता एसोसिएशन की सचिव सचिव स्नेहप्रभा ने बताया कि मामले में केंद्र सरकार द्वारा उचित पैरवी न करने पर अधिवक्ता एक दिन के लिए कार्यों से विरत रहे। उधर सितारगंज में भारतीय समन्वय संगठन के नेतृत्व में लोगों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम विनोद कुमार को सौंपकर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार कर फैसला रद्द कराने की मांग की। ग्राम पंचायत कल्याणपुर की जनकल्याण शिल्पकार उत्थान समिति ने भी प्रदर्शन को समर्थन दिया। वहां पूर्व प्रधान मदन लाल, गंगासागर, भीष्म नारायण विद्रोही, सुरेंद्र प्रसाद, चंद्रपाल, नरेंद्र राम वर्मा, विनोद कुमार आदि थे।