किच्छा थाना क्षेत्र के सिरोलीकला में पुरानी रंजिश को लेकर पांच वर्ष के मासूम की हत्या करने वाले दंपति को प्रथम अपर जिला जज संजीव कुमार की कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपक अरोरा के मुताबिक किच्छा थाना क्षेत्र के सिरौलीकला निवासी शाहिद अली का पांच वर्षीय बेटा फैज 17 सितंबर 2017 को लापता हो गया था। शाहिद ने किच्छा कोतवाली में फैज की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। छानबीन के दौरान शाहिद के पड़ोस में रहने वाले नदीम पर शक होने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारा वाकया उगल दिया था।
नदीम ने पुलिस को बताया था कि शाहिद से किसी बात को लेकर उनकी रंजिश थी और पत्नी गुलशन के साथ मिलकर शाहिद से बदला लेने की फिराक में था। 17 सितंबर को शाहिद का बेटा फैज उनके घर पर आया था। इसी बीच, उसने पत्नी के साथ मिलकर फैज की गला दबाकर हत्या कर शव गटर में फेंक दिया था। नदीम की निशानदेही पर पुलिस ने फैज के शव को बरामद कर नदीम को जेल भेज दिया। लेकिन, गुलशन पुलिस को चकमा देकर घर से फरार हो गई।
पुलिस ने 27 नवंबर 2015 को गुलशन को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गर्भवती गुलशन को कोर्ट से जमानत मिल गई थी। इधर, पुलिस ने नदीम और गुलशन के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। प्रथम अपर जिला जज संजीव कुमार की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। शासकीय अधिवक्ता दीपक अरोरा ने मामले की पैरवी कर नदीम और गुलशन के पर लगे आरोपों को सिद्ध कर दिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद नदीम और गुलशन को आजीवन कारावास के साथ ही 50-50 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने की सजा सुनाई है।