शहर में भाजपा और कांग्रेस के बीच जमीन के मसले को लेेकर छिड़ा सियासी घमासान थम नहीं रहा है। पुलिस प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कांग्रेसियों ने धरना दिया। उन्होंने पुलिस पर सत्ता के दबाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज करने की तोहमत भी मढ़ी।
बुधवार को तमाम कांग्रेसी तहसील प्रांगण में एकत्र हुए। धरनास्थल पर आयोजित सभा में कांग्रेस प्रदेश महासचिव हरीश पनेरू ने पुलिस प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन सत्ता के दबाव में काम कर रहा है।
पालिकाध्यक्ष महेंद्र चावला ने कहा सत्ता के दबाव में पुलिस ने भाजपा विधायक और भाजपा मंडल अध्यक्ष की तहरीर पर कार्रवाई तो की, लेकिन कांग्रेस नेता पनेरू की तहरीर को दरकिनार कर दिया। सुरेश पपनेजा ने कहा पुलिस की एकतरफा कार्रवाई निंदनीय है। धरना स्थल पर पूर्व सीएम हरीश रावत के न पंहुचने पर पनेरू ने मोबाइल से हरीश रावत का संबोधन कराया। रावत ने कहा कि अवैध कब्जे और पुलिस की एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ रुद्रपुर में चार जनवरी को विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
धरने पर संजीव सिंह, बंटी पपनेजा, संतोष गौरव, अब्दुल रशीद जक्कू, लियाकत अंसारी, दुर्गेश गुप्ता, जस्सी देवल, प्रीति मल्होत्रा, फिरदौस सलमानी, यामीन अंसारी, कलावती, बाज सिंह, निशांत सिंह, विनोद आर्या आदि मौजूद रहे।
रावत के न पंहुचने से कांग्रेसी हुए निराश
बुधवार को धरने पर पूर्व सीएम हरीश रावत के आने की सूचना से कांग्रेसी सुबह तक उत्साहित थे, लेकिन उनके धरना स्थल पर नहीं पंहुचने से कांग्रेसियों को निराश होना पड़ा। हालांकि फोन पर रावत ने कांग्रेसियों का हौसला बढ़ाने का प्रयास किया। उसके बाद कांग्रेसियों ने धरना समाप्त कर दिया।
आस-पास से बुलाई फोर्स
तहसील परिसर में कांग्रेसियों के धरने की सूचना पर पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली थी। सीओ हिमांशु शाह कोतवाली में डट गए और आस-पास के थाने चौकियों से फोर्स बुलवाकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए। पूर्व में हुए बखेड़े को लेकर पुलिस सतर्क रही। शहर में भाजपा और कांग्रेस के बीच जमीन के मसले को लेेकर छिड़ा सियासी घमासान थम नहीं रहा है। पुलिस प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कांग्रेसियों ने धरना दिया। उन्होंने पुलिस पर सत्ता के दबाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज करने की तोहमत भी मढ़ी।