काशीपुर में स्कूल में बच्चों को पढ़ाते एसडीएम
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एसडीएम दयानंद सरस्वती ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मिस्सरवाला का शनिवार को निरीक्षण किया। एसडीएम ने जब कक्षा आठ के बच्चों से जोड़ घटाने के बारे में पूछा तो कई बच्चे सही जवाब नहीं दे पाए। इतना ही नहीं कई बच्चे गिनती भी सही सही नहीं लिख सके। एसडीएम ने इस पर स्कूल के शिक्षकों को जमकर फटकार लगाई। प्रधानाध्यापक ने बताया कि स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी है। गणित, विज्ञान और अंग्रेजी का शिक्षक ही नहीं है। उन्होंने बताया कि स्कूल में 146 बच्चे अध्ययनरत है। पांच शिक्षकों के सापेक्ष दो ही शिक्षक है।
एसडीएम के निरीक्षण में पता चला कि स्कूल दो साल से पंखे नहीं चले। प्रधानाध्यापक से बिजली के संबंध में पूछा तो उन्होंने बताया कि गांव के शरारती लोग दो बार बिजली के तार तोड़ कर चले गए हैं। इससे दो साल से स्कूल में बिजली का कनेक्शन चालू नहीं हो पाया। एसडीएम ने बच्चों को होमवर्क देते हुए कहा कि वह सोमवार को फिर स्कूल आएंगे और दिए हुए होमवर्क के बारे में पूछेंगे। एसडीएम ने बताया कि स्कूल की स्थिति बेहद दयनीय है। बच्चों को गणित के आसान से सवाल तक नहीं आते है। प्रधानाचार्य का व्यवहार भी ठीक नहीं है। लिहाजा वह उनके स्थानांतरण और शिक्षकों की तैनाती के लिए पत्र लिखेंगे।
दीवारों का प्लास्टर टूटा तो दरी फटी हुई
एसडीएम के स्कूल में पहुंचने के दौरान कई बच्चे बगल में स्थित प्राथमिक विद्यालय से निकलकर इस स्कूल में आते दिखे। साथ ही स्कूल में गंदगी का अंबार देखा गया। दीवारों के प्लास्टर टूटे पड़े थे। जिन कमरों में बच्चे बैठे थे। उनमें मकड़ी के जाल लगे हुए थे। बच्चे जिन दरियों में बैठे थे वह भी फटी हुईं थी।