25 दिन पहले आवारा कुत्ते के काटने से जख्मी बच्चे की मौत हो गई है। बच्चे का इलाज कराने के लिए परिजन अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन हालात बेहद नाजुक होने की वजह से किसी ने उसे भर्ती नहीं किया।
मोहल्ला बांसफोड़ान निवासी तालिब (8) पुत्र शेरा को करीब 25 दिन पहले कुत्ते ने काट लिया था। इलाज कराने के बावजूद भी बच्चे की हालत बिगड़ रही थी। बुधवार को हालत ज्यादा खराब हुई तो परिजन तालिब को लेकर सरकारी अस्पताल पहुंच गए।
डाक्टर ने बच्चे की हालत गंभीर देख हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन उसे शहर के कई निजी अस्पतालों में ले गए, लेकिन किसी ने भी बच्चे को भर्ती नहीं किया। उपचार कराने के लिए करीब दो घंटे तक परिजन बच्चे को लेकर इधर-उधर घूमते रहे।
बाद में परिजन पूर्व सांसद केसी बाबा के साथ बच्चे को लेकर फिर से सरकारी अस्पताल पहुंच गए। इमरजेंसी कक्ष में तैनात डाक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि बच्चे की हालत बहुत खराब हो गई थी। कुत्ते के काटने के बाद बच्चे का सही ढंग से इलाज नहीं हुआ था।
चार बच्चों को कुत्ते ने काटा
शहर में आवारा कुत्तों के लोगों को काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं। सरकारी अस्पताल में रोजाना 6 से 8 लोग इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। बुधवार को दभौरा टांडा निवासी शौर्य, गड्ढा कालोनी निवासी फैजान, सलीम, गुलाब को कुत्ते ने काट लिया। चारों को सरकारी अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए गए।