इलाहाबाद बैंक की शाखा में आरटीजीएस फार्म के साथ जमा हुए दो चेकों पर ओवरराइटिंग कर किसी और ने एक लाख 80 हजार रुपयों का भुगतान ले लिया। इससे नाराज व्यापारियों ने बैंक पहुंचकर जमकर हंगामा काटा और शाखा प्रबंधक को खरीखोटी सुनाई। उन्होंने बैंक गेट पर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया और व्यापारियों के रुपये वापस नहीं मिलने पर सोमवार को बैंक गेट पर धरने पर बैठने की घोषणा की।
जानकारी के अनुसार भूरारानी निवासी व्यापारी अमित अदलखा ने बीती 15 फरवरी को आरटीजीएस फार्म के साथ एक लाख रुपये का चेक (योर सेल्फ) दूसरी फर्म को भुगतान के लिए सनातन स्कूल के पास स्थित इलाहाबाद बैंक की शाखा में जमा किया था। इसी तरह शुभम ट्रेडर्स के स्वामी गोविंद अग्रवाल ने भी 80 हजार का चेक (आप स्वयं) आरटीजीएस फार्म के साथ जमा किया था। 16 फरवरी को दोनों के खाते से रुपये कटने का मैसेज आ गया, लेकिन दूसरी फर्म ने भुगतान मिलने से इनकार किया। नेट बैंकिंग से पता चला कि चेक को किसी अर्पित नाम के व्यक्ति ने भुना लिया था। शनिवार को व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुुनेजा के नेतृत्व में व्यापारी बैंक पहुंचे। उन्होंने कहा कि व्यापारियों ने फार्म के साथ चेक को संबंधित काउंटर पर कर्मचारी को जमा किया था। ऐसे में चेक किसी दूसरे व्यक्ति के पास कैसे पहुंच गया और ओवरराइटिंग वाले चेकों का भुगतान कैसे कर दिया गया। बैंक कर्मी 50 हजार से अधिक की रकम के भुगतान से पहले आईडी मांगते हैं, लेकिन इन चेकों का भुगतान करते समय ऐसा क्यों नहीं किया गया। उन्होंने बैंक कर्मियों पर सांठगांठ कर रुपये हड़पने का आरोप लगाया। शाखा प्रबंधक ने मामले की जांच कराने की बात कही, लेकिन रुपयों के संबंध में स्पष्ट नहीं बता सके। इसके बाद नाराज व्यापारियों ने बैंक का चैनल कुछ देर बंद रखकर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। चेताया कि यदि खाते से काटे गए रुपये वापस नहीं आए तो सोमवार को फिर से बैंक के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। वहां पर महामंत्री हरीश अरोरा, सुशील गाबा, राजेश कामरा, राकेश अग्रवाल, संजय श्यामपुरिया, अनिल अग्रवाल आदि थे।
जिस काउंटर में चेक जमा, वहां सीसीटीवी बंद
रुद्रपुर। व्यापारियों के आक्रोश को देखते हुए बैंक प्रबंधन ने सीसीटीवी की फुटेज खंगाली। लेकिन, जिस काउंटर पर चेक जमा किया गया था, वहां सीसीटीवी ही बंद था। खास बात यह है कि दोनों चेकों का भुगतान कुछ मिनटों के अंतराल में ही लिया गया था। दोनों चेकों के भुगतान के लिए जारी किए गए टोकन नंबर भी एक सीरियल मेें थे। दो युवक भुगतान लेते फुटेज में दिख रहे हैं, उन्हीं पर शक किया जा रहा है। हालांकि अभी मामले की तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है। बैंक प्रबंधन ने एक चेक तो व्यापारियों को दिखाया, लेकिन दूसरा दिखाने में आनाकानी की।