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20 रुपये का चेक काटा, खाते से निकले 71 हजार

Sat, 11 Nov 2017 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो खटीमा। 
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देहरादून की एक फाइनेंस कंपनी द्वारा लाखों का ऋण दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी का दूसरा मामला सामने आया है। कंपनी के कर्मचारी को दिए गए 20 रुपये के चेक से 71 हजार 500 रुपये निकाल लिए गए। खाताधारक ने बैंक की शाखा जाकर शिकायत की तो सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति चेक कैश कराते दिखाई दिया। 
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नानकमत्ता निवासी शंकरलाल के खाते से 21 हजार 500 रुपये निकालने की घटना के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को खटीमा निवासी अमन वर्मा के खाते से 71 हजार 500 रुपये निकालने का मामला सामने आया है। अमन बताते हैं कि एक दिन उन्हें एक पर्चा मिला, जिस पर देहरादून की एक फाइनेंस कंपनी द्वारा ऋण मुहैया कराने की बात कही गई। पर्चे पर दिए गए नंबरों पर संपर्क करने पर उनके द्वारा पूछा गया कि वह कितना ऋण चाहते हैं। उसने पांच लाख रुपये कहे तो उन्होंने अपने खाते में बयाने के तौर पर 20 प्रतिशत रुपये जमा करने को कहा गया। पैसे जमा कराने की सूचना के बाद कंपनी द्वारा बताया गया कि शीघ्र ही एक व्यक्ति सत्यापन के लिए वहां आएगा।

सात नवंबर को विनय कुमार नामक व्यक्ति आया और समस्त प्रमाण पत्रों की छायाप्रति के साथ दो फोटो भी ले गया। बाद में पंजीकरण के नाम पर 20-20 रुपये के दो चेक उसी कंपनी के नाम से कटवा लिए। चेक काटते समय युवक ने चालाकी से अपना पेन पकड़ा दिया था। नौ नवंबर को अमन के खाली महुवट स्थित कारपोरेशन बैंक के खाते से 71 हजार 500 रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने बैंक पहुंचकर शाखा प्रबंधक पीयूष त्रिपाठी को घटना से अवगत कराया। चेक निकालकर देखा गया तो उस पर किसी और का नाम लिखा था और इसे कैश कराया गया है।
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शाखा प्रबंधक त्रिपाठी ने सीसीटीवी फुटेज देखी तो इसमें एक युवक बैंक में रकम लेता दिखायी दिया। पीड़ित ने मामले की तहरीर झनकईया थाने में दे दी है। फिलहाल इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है। 
इधर, एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने मामले के संज्ञान में आते ही त्वरित कारवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मातहतों से बैंक फुटेज आदि लेकर मामले का शीघ्र खुलासा करने को कहा है।


मिटने वाली स्याही का हुआ इस्तेमाल
ठगी के दोनों ही मामलों में ऋण देने के मामले में चेक पर लिखे गए कंपनी के नाम को मिटाकर दूसरे नाम से चेक जारी कर पैसे निकाले गए हैं। इससे अंदेशा है कि ठग ऐसी स्याही वाला पेन इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे लिखने के बाद मिटाया जा सके और बाद में नाम बदलकर और धनराशी बढ़ाकर निकाल ली जाए।

पुलिस को सूचित करें
कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट ने कहा कि खटीमा और झनकईया के दो मामले उनके संज्ञान में हैं लेकिन अभी तक कोई तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की है कि इस प्रकार के किसी व्यक्ति के आने पर पुलिस को सूचित करें।
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