सरकारी अस्पतालों में जहरखुरानी लुटेरे वृद्ध लोगों को ताकते रहते हैं। जैसे ही तीमारदार अपने बुजुर्गों को छोड़कर व्यस्त हो जाते हैं। ये खुद को डाक्टर या कंपाउंडर बताकर इन वृद्धों से सोने के कुंडल और नकदी लूट लेते हैं। ऐसा ही एक वाक्या काशीपुर अस्पताल में देखने को मिला।
मोहल्ला पक्काकोट निवासी मनोहरी देवी रावत (60) अपनी धेवती मोनी शर्मा के साथ सरकारी अस्पताल इलाज के लिए आई थी। इस बीच एक व्यक्ति ने धेवती को 10 रुपए देकर दवाई के लिए भेज दिया। धेवती के जाने पर उस व्यक्ति ने खुद को कंपाउंडर बताया और पाउडर खिलाने के बाद बलगम की जांच कराने की बात कही। वृद्धा पाउडर खाते ही बेहोश हो गई। इस पर कंपाउंडर बताने वाला व्यक्ति वृद्धा के कान से सोने के कुंडल और पर्स में रखी करीब 10 हजार की नकदी लेकर फरार हो गया। वृद्धा को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में ही भर्ती कराया गया है। परिजनों ने कहा कि कई बार कटोराताल पुलिस चौकी को सूचना देने के बाद भी पुलिस कर्मी मामले की जानकारी लेने तक नहीं पहुंचे।
लगे हैं सीसीटीवी कैमरे
काशीपुर। सरकारी अस्पताल परिसर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। परिजनों ने कहा कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, वहां भी कैमरा लगा है। लेकिन न तो पुलिस और न ही अस्पताल प्रशासन फुटेज देखने को तैयार है। उन्होंने कहा कि यदि फुटेज देखी जाए तो आरोपी पकड़ में आ सकता है।