अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चेक बाउंस के आरोपी को तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर आठ लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपी को तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार जुड़का नंबर 2 निवासी जगनेश्वर आनंद ने पट्टी बजर भीमनगर निवासी प्रीतम सिंह से अच्छे संबंध होने के चलते मकान बनाने के लिए 4 लाख रुपए उधार मांगे थे। जनवरी 2012 में प्रीतम ने दो चेकों से 4 लाख रुपए जगनेश्वर को दिए थे। जिसके बाद फिर से जगनेश्वर ने प्रीतम से रुपए उधार मांगे।
प्रीतम ने 30 मार्च 2012 को चेक से डेढ़ लाख रुपए और दो लाख रुपए दो गवाहों की मौजूदगी में जगनेश्वर को दिए। रकम वापस नहीं करने पर मकान का बैनामा प्रीतम सिंह के हक में करने का आश्वासन दिया था। लेकिन तय समय में भुगतान नहीं होने पर प्रीतम ने रकम का तकादा किया।
काफी तकादा करने के बाद 25 मार्च 2013 को साढ़े सात लाख रुपए का चेक जगनेश्वर ने प्रीतम को दिया था। 28 मई 2013 को जब प्रीतम ने भुगतान के लिए चेक बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गया। जिसके बाद प्रीतम ने कोर्ट की शरण ली। प्रीतम की ओर से आनंद रस्तोगी और जसविंदर सिंह ने पैरवी की।
गवाहों और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने जगनेश्वर को दोषी पाया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सविता चमोली ने जगनेश्वर को तीन महीने कारावास की सजा सुनाई। जगनेश्वर पर लगाए आठ लाख रुपए के अर्थदंड में से 7 लाख 90 हजार रुपए प्रीतम को प्रतिकर के रुप में देने होंगे।