बर्तनों के व्यापार के लिए दो लोगों ने 45 लाख रुपये की सीसी लिमिट स्वीकृत करा धोखाधड़ी से रकम हड़प ली। रकम जमा कराने के लिए बैंक से दबाव पड़ने पर दोनों कर्जदार फर्मों में ताले लगाकर फरार हो गए। पंजाब नेशनल बैंक की शाखा प्रबंधक ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मुरादाबाद रोड स्थित पीएनबी की शाखा प्रबंधक अनीता कुमारी ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि नई सब्जी मंडी निवासी शिवम अग्रवाल पुत्र मुकेश अग्रवाल ने 19 फरवरी 2014 को मैसर्स धनलक्ष्मी इंटरप्राइजेज के नाम से बर्तनों के कारोबार के लिए 20 लाख रुपये का सीसी लिमिट स्वीकृत कराया था। इसमें गांरटी मयंक ने ली थी। वहीं मयंक ने भी धनलक्ष्मी मेटल के नाम से 25 लाख रुपये की सीसी लिमिट स्वीकृत कराई थी। जिसकी गारंटी शिवम ने दी थी।
दोनों ने स्वीकृत ऋण की पूरी राशि खाते से निकाल ली। इसके बाद फर्मों के खातों का संचालन नियमित रुप से नहीं किया। मार्च 2018 में दोनों फर्मों के सीसी खाते एनपीए हो गए। नोटिस जारी करने के बाद भी फर्म के मैसर्स ने खातों में रकम जमा नहीं कराई। स्थलीय निरीक्षण करने पर दोनों फर्मों में ताले लगे पाए गए। जानकारी करने पर पता लगा कि दोनों खातों का स्टॉक खुर्द-बुर्द कर दिया गया है। पुलिस ने शिवम और मयंक के खिलाफ धारा 420 व 406 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।