दुकान से उधारी की उगाही को निकले एक व्यापारी का शव कचनाल गुंसाई के रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। उसका सिर बुरी तरह कुचला हुआ था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।
कुंडा थाने के ग्राम गढ़ीनेगी निवासी अवनीश कुमार (35) पुत्र सोमनाथ सिंह यहां मोहल्ला किला में किराए के मकान में रहकर जूते-चप्पलों का थोक व्यवसाय करता था। बुधवार शाम करीब छह बजे वह दुकान में पत्नी मीनू को बैठाकर उधारी का तगादा करने के लिए पैदल निकला था। रात करीब सवा आठ बजे किसी ग्रामीण ने पुलिस को रेलवे फाटक से करीब तीन सौ मीटर दूरी पर एक व्यक्ति के शव पड़े होने की सूचना दी।
पुलिस ने मृतक की जेब से मिले मोबाइल नंबरों पर कॉल करने से उसकी शिनाख्त अवनीश के रुप में हुई। मृतक का सिर बुरी तरह कुचला हुआ था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए इस मामले में जांच की मांग की है। अवनीश दो भाइयों में छोटा था। वह अपने पीछे पत्नी मीनू के अलावा दो पुत्रों उज्ज्वल (7) और दिव्यांशु (5) को छोड़ गया है। उधर समाचार लिखे जाने तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी।
शहर से तीन किमी दूर कैसे पहुंचा अवनीश
काशीपुर। शहर से करीब तीन किमी दूर ट्रैक पर व्यापारी अवनीश का शव मिलना किसी षड़यंत्र की ओर इशारा कर रहा है। वह शहर से तीन किमी दूर रेलवे ट्रेक पर कैसे पहुंचा, यह बात परिजनों के गले नहीं उतर पा रही है। मृतक के भाई राजकुमार का कहना है कि अवनीश का किसी भी व्यक्ति से कोई प्रत्यक्ष विवाद नहीं था, लेकिन करीब छह महीने पूर्व लेनदेन को लेकर उसकी एक व्यापारी से कहासुनी हुई थी। तब उनका समझौता करा दिया गया था।
बुधवार शाम को करीब छह बजे वह उगाही के लिए निकले थे। करीब सवा आठ बजे उनके ट्रेन से कटे होने की सूचना मिली। करीब दस मिनट पहले ही इस ट्रैक से रामनगर से दिल्ली जाने वाली ट्रेन गुजरी थी। घटनास्थल बाजार से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में यह बात समझ से परे है कि अवनीश वहां तक कैसे पहुंचा। आशंका जताई जा रही है कि मृतक की हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंका गया होगा।