जमीनों की धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपी एलाइड इन्फ्रा की एमडी प्रिया शर्मा और निदेशक सुधीर चावला को पुलिस ने गुरुग्राम (हरियाणा) के एक मॉल से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को नैनीताल जिला कोर्ट में बुधवार को पेश किया जाएगा। दोनों ही आरोपी 21 जनवरी से फरार चल रहे थे। सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार ने रुद्रपुर कोतवाली में उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।
सीओ काशीपुर राजेश भट्ट मामले की जांच कर रहे थे। गिरफ्तारी के डर से प्रिया और सुधीर भूमिगत हो गए थे। दिल्ली, गाजियाबाद, रुद्रपुर, और मुरादाबाद सहित कई शहरों में दबिश देने के बाद भी पुलिस उनको गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। 12 मार्च को पुलिस ने प्रिया और 15 मार्च को सुधीर चावला के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की थी। पुलिस दोनों को भगोड़ा घोषित करने की तैयारी कर ही रही थी कि उनके गुरुग्राम में होने की सूचना मिली। इस पर पुलिस ने वहां डेरा डाल लिया था। मंगलवार को गुरुग्राम के एक मॉल से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। विवेचक और सीओ राजेश भट्ट ने बताया कि प्रिया और सुधीर को बुधवार को नैैनीताल जिला कोर्ट में पेश किया जाएगा।
भूमि मुआवजा घोटाले में आरोपी बनी प्रिया शर्मा के खिलाफ पहला आरोप फाजलपुर महरौला में एक ऐसी जमीन का सौदा करने का था, जो प्रिया शर्मा के नाम नहीं थी। इस जमीन पर प्रिया ने भूमि मुआवजा घोटाले में जेल भेजे गए स्टांप वेंडर जीशान के साथ साढ़े तीन करोड़ का सौदा किया और उसे सही दर्शाने के लिए पांच काश्तकारों के फर्जी हस्ताक्षरों से एक फर्जी इकरारनामा भी तैैयार कर दिया।
इसके अलावा प्रिया पर गलत दस्तावेेेजों से बिजली कनेक्शन लेने का और कई लोगों के साथ जमीनों की धोखाधड़ी करने का भी आरोप है। सोमवार को ही प्रिया शर्मा के वकील ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि पुलिस ने प्रिया शर्मा की कुर्की की कार्रवाई गलत तरीके सेे की थी और मनी लांड्रिंग की जांच ईडी को मिलनी चाहिए थी। पुलिस का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने प्रिया की याचिका को खारिज कर दिया।