पंचायत चुनाव के दौरान दर्ज हुए मुकदमे की केस डायरी खुलने से भाजपा कार्यकर्ताओं में खलबली मची है। भनक लगते ही कई नामजद भाजपा कार्यकर्ता भूमिगत हो गए हैं। बताते हैं कि इस मामले में विधायक अरविंद पांडेय को रिमांड लेने के लिए दो-तीन दिन में पुलिस कोर्ट में आवेदन कर सकती है।
सीओ राजीव मोहन ने बताया कि 28 जनवरी को कोतवाली में बवाल करने के मामले में विधायक अरविंद पांडेय, भाजपा नेता राजेश कुमार, भाजयुमो नगराध्यक्ष टिंकू यादव, जगतार सिंह बाजवा, सांसद प्रतिनिधि हरीश वर्मा, तनिकेत पासी, प्रवीण कांबोज, पीसी जोशी, मेजर सिंह को नामजद और 25 अन्य के खिलाफ धारा 147, 323, 332, 353, 504 आईपीसी और 7 क्रिमनल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की तफ्तीश केलाखेड़ा थानाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार कर रहे हैं।
थाना प्रभारी धीरेंद्र कुमार ने बताया कि इस मुकदमे में गिरफ्तारी के लिए आरोपियों के एनबीडब्ल्यू (गैर जमानती वारंट) लेने और विधायक पांडेय को रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है।
इधर, सूत्र बताते हैं कि जुलाई 2014 को पंचायत चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण मामले में भी विधायक अरविंद पांडे सहित करीब 19 नामजद और 150 अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज है।
इस मामले में भी पुलिस कार्रवाई करने में जुटी है। इधर, भाजपा नेता अमर पांडेय ने कहा कि सत्ताधारियों के दबाव में पुलिस मुकदमे ही मुकदमे दर्ज करने में लगी है। जेल में बंद उनके बड़े भाई विधायक अरविंद पांडेय से पार्टी कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों को मिलने नहीं दिया जा रहा है।