बरेली के युवक की हत्या कर शव सितारगंज रोड पर बैगुल पुल के निकट फेंक दिया गया। मृतक के हाथ-पैर बंधे थे और गले व माथे पर चोट के निशान थे। उसकी जेब से मिली पर्ची पर लिखे मोबाइल नंबर पर बात करने पर उसकी शिनाख्त हो सकी। युवक दो दिन से लापता था। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंच गए। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
सितारंज रोड पर बैगुल पुल के निकट सोनू के खेत में एक शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना पर पुलभट्टा थानाध्यक्ष मोहन चंद पांडे दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गए। मृतक के दोनों हाथ रस्सी से और पैर साड़ी की पट्टी से बंधे थे। उसके माथे और गले पर चोट के निशान थे।
पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी शव की शिनाख्त नहीं की। उसके बाद मृतक की पेंट और कमीज की तलाशी ली तो उसकी जेब से एक पर्ची मिली है, जिसमें कंप्यूटर जोन डीडीपुरम बरेली लिखा था। पर्ची पर लिखे मोबाइल नंबर पर जब संपर्क किया गया तो फोन अशोक कुमार गुप्ता निवासी राजेंद्र नगर बरेली ने रिसीव किया।
अशोक ने बताया कि उनका पुत्र हर्षित गुप्ता (25) चार नवंबर की रात आठ बजे से लापता है। उन्होंने उसकी गुमशुदगी पांच नवंबर को राजेंद्र नगर थाने में दर्ज कराई थी। अशोक गुप्ता ने अपने रिश्तेदार ग्राम पखोरनी देवरनिया निवासी सुगंध गुप्ता को मौके पर भेजा तो उन्होंने शव की शिनाख्त हर्षित के रूप में की। पंचनामा भरकर पुलिस शव बरा चौकी ले आई। उसके बाद बरेली पुलिस और मृतक के परिजन भी बरा चौकी पहुंच गए।
सुगंध ने बताया कि हर्षित की किसी से दुश्मनी नहीं थी। पुलभट्टा थानाध्यक्ष मोहन चंद पांडे का कहना है युवक की हत्या कहीं और की गई। उसके बाद शव यहां डाला गया।