शनिवार को संतफार्म की ओर से नदी से आरबीएम भरकर ला रही बेकाबू ट्रैक्टर ट्राली ने बच्चे को कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। दुर्घटनास्थल पर जब तक लोग पहुंचते, चालक ट्रैक्टर ट्राली छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रैक्टर ट्राली को कब्जे में ले लिया।
उकरौली और साधूनगर कैलाश नदी में निजी पट्टों पर खनन चल रहा है।
शाम करीब पांच बजे संतफार्म गांव की तरफ से आ रही आरबीएम से भरी ट्रैक्टर ट्राली (यूके04सीबी-2581) ने नकुलिया गांव में चौराहे के पास सड़क किनारे से गुजर रहे आठ वर्षीय आदिल रजा पुत्र तौफीक अहमद को कुचल दिया और पास की एक दीवार में जा घुसा। चालक मौके से फरार हो गया। परिजनों ने तत्काल ही आदिल को नगर के सीएचसी पहुंचाया। यहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक आदिल के पिता बिज्टी गांव में कैलाश नदी के किनारे सब्जी उगाने का काम करते हैं।
उसकी मां नसरीन गृहणी है और एक छोटी बहन चार वर्षीया इसना है। मां नसरीन, पिता तौफीक और दादा रफीक अहमद उसके वियोग में बेसुध हो गए। हादसे की सूचना पर एसएसआई बीएस बिष्ट ने गांव पहुंचकर जानकारी ली और ट्रैक्टर ट्राली को कब्जे में ले लिया। एसएसआई ने बताया कि पकड़ी गई ट्रैक्टर ट्राली साधूनगर से खनन सामग्री लेकर आ रही थी। पुलिस ने मृतक मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेजा है। इधर, परिजनों व ग्रामीणों का आरोप है कि नदी से अवैध खनन कर पकड़ने के डर से वाहन स्वामी चोर रास्तों से गुजर रहे हैं। जिन पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है।
खनन चोरी में मुफीद बना कश्मीरी गेट
सितारगंज। प्रशासन भले ही पारदर्शिता के साथ खनन कराने के लाख दावे करे, लेकिन माफिया प्रशासन के दावों की पोल खोल रहे हैं। उकरौली व साधूनगर में निजी पट्टे संचालित हैं। जिन पर सारा दिन खनन चल रहा है। इन पट्टों से खनन की निकासी के लिए एक साधूनगर और दूसरा उकरौली गांव में मंदिर के पास से गेट बना है, लेकिन माफिया अवैध खनन कर इन गेटों से निकलने के बजाय नदी के बीच से कश्मीरीफार्म गांव में बने गेट के कच्चे रास्ते से निकल रहे हैं।
ये वाहन मुख्य सड़क पर आरटीओ या फिर प्रशासन की टीम के द्वारा पकड़े जाने के भय से संतफार्म से नकुलिया होते हुए गुजर रहे हैं। सारा दिन इस ग्रामीण सड़क पर अवैध खनन में लगे वाहन सरपट दौड़ रहे हैं। इससे दुर्घटनाएं तो हो ही रही हैं। ग्रामीणों का भी जीना दूभर है। ग्रामीणों का कहना है कि दिन में तो ये वाहन चलते ही हैं, सारी रात इन वाहनों की ग्रामीण सड़क से आवाजाही होती है, प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही।