पैसों की कमी से इलाज नहीं करा पाए बाजपुर चीनी मिल के दो कर्मचारियों की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि मंगलवार को इस मिल के एक और बीमार कर्मचारी कुलदीप सिंह ने दम तोड़ दिया।
मूलरूप से यूपी के गांव नूरपुर पुषबाड़ा, स्वार (रामपुर) निवासी कुलदीप सिंह (55) पुत्र मक्खन सिंह यहां चीनी मिल में केन सीजनल क्लर्क के पद पर तैनात थे। वह पिछले कुछ महीनों से गले के कैंसर से पीड़ित थे। पांच माह से वेतन नहीं मिलने से परिजन उनका इलाज सही तरीके से नहीं करा पा रहे थे। मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे घर पर ही कुलदीप सिंह ने दम तोड़ दिया। कुलदीप सिंह के पुत्र हरविंदर सिंह ने बताया कि आठ महीने से उनके पिता कैंसर से पीड़ित थे।
उनका इलाज जौलीग्रांट (देहरादून) के अस्पताल में चला था, लेकिन इलाज में डॉक्टरों ने पांच लाख का खर्च आने की बात कही थी। धन के अभाव के चलते वह मजबूरन उन्हें घर ले आए। हरविंदर सिंह ने बताया कि पिता के इलाज के लिए उन्होंने कई बार चीनी मिल के प्रशासनिक अधिकारियों से बकाया भुगतान की मांग की थी, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। इस वजह से वह अपने पिता का सही तरीके से नहीं करा पा रहे थे। कुलदीप सिंह अपने पीछे पत्नी मनजीत कौर, बेटी गुरप्रीत कौर और पुत्र हरविंदर सिंह को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं। बुधवार को सुबह 10 बजे उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में ही किया जाएगा।
इधर, मुख्य गन्ना अधिकारी डॉ. राजीव अरोरा ने कहा कि मिल प्रबंधन संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं। उन्होंने बताया कि कुलदीप को एडवांस के रूप में 15 हजार रुपये बीती 29 मई को दिए गए थे। इसके अलावा सभी कर्मचारियों के साथ जनवरी का वेतन मिल की चार करोड़ की एफडी तुड़वाकर तीन जून को ही दिया जा चुका है। साथ ही कहा कि पांच हजार रुपये कुलदीप के अंतिम संस्कार के लिए उनके परिजनों को मंगलवार शाम को दिए गए हैं। उधर, श्रमिक नेता गुरमीत सिंह सीटू ने बताया कि कर्मचारियों के हितों को लेकर आठ जून को बैठक की जाएगी, जिसमें आंदोलन की रणनीति भी बनाई जाएगी।