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कर्ज में डूबे एक और किसान ने की खुदकुशी

Mon, 26 Jun 2017 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
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रामअवतार (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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बैंकों और साहूकार का कर्ज नहीं चुका पाने से परेशान एक और किसान ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि बैंक का नोटिस मिलने के बाद से वह मानसिक तौर पर परेशान चल रहा था। उधर मृतक के परिजनों ने एसबीआई के फील्ड अफसर पर किसान को खुदकुशी के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। सीएम के निर्देश पर डीएम ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। बेड़ीनाग के डोलडुंगरी गांव में कर्ज में डूबे किसान सुरेंद्र सिंह ने 15 जून की रात आत्महत्या कर ली थी। 
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विकासखंड के पचपेड़ा हल्दी निवासी काश्तकार राम अवतार (45) पुत्र राम प्रसाद ने शनिवार रात करीब साढ़े दस बजे घर से खेत पर पानी लगाने के लिए गए थे। काफी देर तक वह नहीं लौटे तो उनका भाई उन्हें खोजते हुए खेत पर पहुंचा तो किसान का शरीर यूकेलिप्टिस के पेड़ पर गमछे के सहारे लटका था। 

भाई अनंतराम ने परिजनों को बुलाया और किसान को उतारकर निजी अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुबह किसान के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी इसी बीच सूचना पर पहुंची पहुंची सत्रहमील पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया। मृतक के भाई पूर्व प्रधान अनंत राम ने बताया कि राम अवतार ने स्टेट बैंक खटीमा से एक लाख अस्सी हजार रुपये का लोन लिया था जो बढ़कर एक लाख 97 हजार 633 रुपये हो गया। 
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बीओबी नानकमत्ता से एक लाख 23 हजार लिए थे। इसकी अदायगी नहीं होने पर दोनों बैंकों से नोटिस आ रहे हैं। एसबीआई के फील्ड आफिसर ने तीन दिन पहले घर पर आकर राम अवतार से तीन दिन में रुपये जमा करने को कहा था। कर्ज नहीं लौटाने पर जमीन की नीलामी की बात कही थी। राम अवतार ने आठ दिन का समय मांगा था, लेकिन उसे समय नहीं दिया गया। कुछ कर्ज उसने साहूकारों से भी ले रखा था। 

पुलिस क्षेत्राधिकारी मेहरा ने कहा कि काश्तकार की आत्महत्या के मामले में प्रारंभिक जांच में दो बातें सामने आई हैं। इसमें कर्ज नहीं चुकाने पर बैंक का नोटिस और दूसरा कारण पारिवारिक भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। जिलाधिकारी डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि किसान की आत्महत्या मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर मजिस्ट्रेेटी जांच आदेश दे दिए गए हैं। जांच के बाद मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।

काश्तकारों को ब्याज में राहत देने को दिए गए नोटिस : गौतम
स्टेट बैंक के प्रबंधक युधिष्ठिर गौतम ने फोन पर हुई वार्ता में कहा कि वह इस समय अवकाश पर बाहर गए हैं। मामला उनके संज्ञान में नहीं है। मंगलवार को आने के बाद ही काश्तकार के ऋण के विषय में सही जानकारी दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि जो भी नोटिस काश्तकारों को दिए गए हैं, वह रुटीन प्रक्रिया का हिस्सा हैं। ये नोटिस काश्तकारों को ऋण में राहत देने और खाते को नियमित कराने के लिए दिए जाते हैं। इस समय एनपीए खातों में ब्याज माफ करने की योजना चल रही है। 

परिवार का एक मात्र सहारा था राम अवतार
मृतक राम अवतार अपने परिवार का एक मात्र सहारा था। उसकी सात पुत्रियां, एक पुत्र है। एक पुत्री छाया का विवाह अमरिया अढौली में हुआ है, जबकि छह बेटियां व एक पुत्र अभी पढ़ाई कर रहे हैं। पूरे परिवार की जिम्मेदारी अब मृतक की पत्नी शकुंतला देवी पर है। उनके पास ढाई एकड़ जमीन है। 

तीन साल से खेती में हो रहा था नुकसान
अनंत राम ने बताया तीन साल से राम अवतार समेत आसपास के किसान खेती में नुकसान उठा रहे हैं। फसल में बीमारी लग रही है। उसकी रोकथाम के लिए महंगे कीटनाशकों के इस्तेमाल से फसल की लागत के अनुरूप दाम नहीं मिलने से बैंकों का कर्ज बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा बैंक काश्तकारों से ऋण वसूली के समय बहुत बुरा बर्ताव कर रहे हैं। 

बैंक के कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज हो केस : कापड़ी
युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भुवन कापड़ी ने काश्तकार की आत्महत्या के लिए बैंक के उन कर्मचारियों को जिम्मेदार माना जो काश्तकार को तीन दिन में लोन जमा न करने पर जमीन की नीलामी की धमकी दे रहे थे। कापड़ी ने कहा कि मृतक काश्तकार की ढाई एकड़ जमीन हाइवे से लगी है। उस जगह एक प्लाट भी काश्तकार बेच दे तो पूरा कर्ज उतर जाए, लेकिन बैंक के कर्मियों की नीयत उस जमीन को नीलामी में औने-पौने दाम में बिकवाने की थी, जिसके चलते दबाव में आकर काश्तकार खुदकुशी को मजबूर हो गया। कापड़ी ने कहा कि खुदकुशी के लिए जिम्मेदार कर्मियों की गिरफ्तारी, काश्तकार की पत्नी को सरकारी नौकरी, उसके बच्चों की पढ़ाई, लिखाई का खर्च सरकार वहन करने की मांग को लेकर वह धरना देंगे। किसान नेता प्रकाश तिवारी का कहना है कि अन्य प्रदेशों की तरह यहां भी किसानों का कर्ज माफ किया जाए। उधर विधायक पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि किसान के परिवार को सरकार से यथासंभव मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा। 
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