बिहार की महिला को बंधक बनाकर तीन दिन तक गैंगरेप
महिला की नाबालिग बेटी को छीना, दस वर्षीय बेटे के साथ धमकाकर भगाया
आरोपियों के गांव और घटना स्थल के बारे में पता बताने में असमर्थ है महिला
पुलिस से न्याय की लगाई गुहार तो सिपाही ने चार सौ रुपये देकर ट्रेन में बैठाया
अमर उजाला ब्यूरो
चंदौसी (संभल)।
बरेली में अपनी विवाहित बेटी से मिलने आई बिहार निवासी महिला को रेलवे स्टेशन पर नशा सुंघाकर एक पुरुष दो महिलाओं के साथ अपने गांव ले आए। महिला को शादी करने के लिए मजबूर किया गया। महिला ने इंकार किया तो महिला के साथ मारपीट की गई। तीन दिन तक नजरबंद कर गांव के बाहर खलिहान में सामूहिक बलात्कार किया। इतना ही नहीं, महिला की 12 वर्षीय बेटी को छीनकर उसे गांव से भगा दिया गया। महिला ने न्याय की गुहार लगाई तो किसी ने मदद नहीं की। एक पुलिसकर्मी ने महिला को चार सौ रुपये देकर ट्रेन में बैठा दिया। महिला अब भी दर-दर भटक रही है।
बिहार के जनपद दरभंगा के बहेरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला अपनी बेटी से मिलने के लिए 16 जून को सुबह बरेली पहुंची। बेटी की कुशलक्षेम पूछने के बाद बरेली से पानीपत में मेहनत मजदूूरी करने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंची। रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति और दो महिलाएं उसके पास आए। व्यक्ति ने मुंह पर कुछ झाड़ दिया। इसके बाद महिला को सिर चकराने लगा। इसी का फायदा उठाते हुए। ट्रेन अपने गांव ले आया। गांव आने के बाद व्यक्ति ने शादी का दबाव बनाया। महिला ने इंकार किया तो मारपीट की। डराया धमकाया। इसके बाद गांव के बाहर खलिहान पर ले जाकर अपने चार साथियों के साथ तीन दिन तक सामूहिक बलात्कार किया। महिला ने नजदीक पुलिस स्टेशन पर शिकायत की तो टरका दिया। फिर एक सिपाही ने महिला को मदद के बतौर चार सौ रुपये देकर बबराला स्टेशन से ट्रेन में बैठाया। महिला ट्रेन से बरेली पहुंच गई। बरेली से अलीगढ़ जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया। महिला इस समय चंदौसी में भटक रही है। न बेटी का कोई पता चल सका है। और न ही आरोपियों का। महिला को डर है कि कहीं उसकी बेटी के साथ भी कोई अनहोनी न हो जाए।
महिला का मोबाइल, रुपये भी छीने
चंदौसी। महिला ने बताया कि आरोपियों ने मोबाइल और रुपये भी छीन लिए। किसी से संपर्क नहीं कर सके इसलिए पर्स में रखी फोन नंबर की डायरी भी छीन ली। गंदी गंदी गालियां देकर गांव से भगा दिया। ग्रामीणों ने गांव का नाम भी नहीं बताया। गांव बाहर कस्बे में आकर मदद की गुहार लगाई। लेकिन किसी ने मदद नहीं की।