चुटकी देवरिया स्थित टोल प्लाजा शिफ्टिंग के नाम पर तत्कालीन अफसरों और बिल्डरों के घोटाले का सच अब एक शपथ पत्र से सामने आ सकता है। सूत्रों के अनुुसार शनिवार को हुई पूछताछ में एनएचएआई के तत्कालीन पीडी ने एसआईटी को मामले से जुड़ा एक शपथ पत्र देने की बात कही है। जिसके आधार पर एसआईटी को मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकते हैं।
किच्छा तहसील की जांच के दौरान एसआईटी के सामने खुलासा हुआ था कि टोल प्लाजा शिफ्टिंग के नाम पर तत्कालीन अफसरों ने बिल्डरों के साथ मिलकर घोटाले की साजिश रची थी। निर्माण का आदेश होने पर एलाइड इंफ्रा की एमडी प्रिया शर्मा ने चुटकी देवरिया के काश्तकारों से उनकी जमीन खरीद ली थी।
कुछ समय बाद ही टोल प्लाजा शिफ्ट किए जाने का आदेश हुआ तो प्रिया ने किसानों के नाम का फर्जी इकरारनामा बनाकर तत्कालीन एसएलओ डीपी सिंह के पास भेजकर टोल प्लाजा की जद में आने वाली भूमि पर छह हजार रुपये वर्ग मीटर की दर से मुआवजा देने की मांग रखी।
डीपी सिंह ने भी मांग के अनुरूप एनएचएआई को मुआवजे की रकम देने के लिए पत्र भेजा जिस पर एनएचएआई ने भी अपनी संस्तुुति दे दी। इसी बीच मामला खुला तो डीपी सिंह के साथ ही एनएचएआई भी बैक फुट पर आ गई। सूत्रों के अनुसार शनिवार को एसआईटी ने एनएचएआई के तत्कालीन पीडी अशोक कुमार से पूछताछ की जिसमें पीडी ने डीपी सिंह द्वारा उन्हें किसानों की ओर से एक शपथ पत्र दिये जाने की बात कही है।
एसआईटी को अंदेशा है कि उक्त फर्जी शपथ पत्र डीपी सिंह और प्रिया ने तैयार किया था। सोमवार को अशोक कुमार के शपथ पत्र दिए जाने पर एसआईटी आगे की पूछताछ करेगी।