निर्धन कन्याओं की शादी के लिए कम कीमतों पर फर्नीचर व इलैक्ट्रानिक्स सामान देने के बहाने करोड़ों की रकम लेकर फरार हुई संस्थाओं के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एजेंटों ने दिनभर कोतवाली में डेरा डाला। आरोपियों की धरपकड़ के लिए एएसपी ने तीन टीमों का गठन किया है।
सत्यधाम जनकल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव और मानव सेवा समिति के अध्यक्ष ओमवीर यादव समेत कई लोगों के खिलाफ काशीपुर कोतवाली और आईटीआई थाने में धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मंगलवार को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को एजेंटों ने कोतवाली में डेरा डाल दिया। सूचना पर एएसपी डा. जगदीश चंद्र, सीओ मनोज कुमार भी कोतवाली पहुंच गए। एजेंटों की ओर से संघर्ष समिति के प्रणव मेहरोत्रा, डॉ. एमए राहुल, शाहिद हुसैन, फरदीन व खुशबू रहमान ने वार्ता कर अपना पक्ष रखा। उनका कहना था कि इस घोटाले के लिए जिम्मेदार कई लोग कतिपय कारणों से नामजद नही हो सके है। एएसपी ने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए एक पुलिस टीम का गठन किया गया है। इसके बाद कई और एजेंटो नेभी एएसपी कार्यालय में ठगी की अलग-अलग तहरीरें सौंपी।
संपत्ति का ब्यौरा एकत्र कर सीज कराए जाएंगे खाते
काशीपुर। एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि इस प्रकरण में जांच के लिए दोनों संस्थाओं के कार्यालयों में रखे अभिलेख व कंप्यूटर आदि कब्जे में लिए जाएंगे। साथ ही इन संस्थाओं की चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा भी एकत्र किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इन संस्थाओं की चल-अचल संपत्तियां खुर्द-बुर्द न हो पाएं। एएसपी ने कहा कि दोनों संस्थाओं के बैंक खाते सीज कराने के लिए संबंधित बैंकों से पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संस्था के जुड़े लोग रामपुर के होना बताये गए है। इस संबंध में जानकारी जुटाने के लिए पुलिस टीम रामपुर भेजी जाएगी।
विहिप ने मांगी गोशाला की सुपुर्दगी
काशीपुर। विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर ठगी करने के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने संस्था द्वारा संचालित की जाने वाली गोशाला विहिप के सुपुर्द करने की मांग की है। बता दें कि समिति के अधीन गोशाला में फिलहाल 97 गो वंशीय पशु है। ज्ञापन देने वालों में जिला महामंत्री यशपाल राजहंस, गुरविदर सिंह चंडोक, प्रशांत पंडित, आकाश कांबोज, राजीव परनामी, घनश्याम, अरुण भारद्वाज, घनश्याम सैनी, शिवा आदि थे।