कुंडा थाना क्षेत्र के एक गांव में युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिजनों को सूचना दिए बिना शव को मोर्चरी भेजने पर बवाल हो गया। नाराज परिजनों ने तीन घंटे एनएच जाम करने के साथ ही हिरासत में लिए आरोपी को सौंपने को लेकर थाने में घुसने का प्रयास किया।
पुलिस ने लोगों को लाठीचार्ज कर खदेड़ा तो जवाब में ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया। जिसमें तीन दरोगा और 17 ग्रामीण चोटिल हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी लोगों के बीच पहुंचे और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन देकर गुस्सा शांत किया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
रविवार तड़के कुंडा पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम लालपुर बक्सौरा कालोनी निवासी सतीश (22) पुत्र हरपाल की हत्या कर शव को झाड़ियों में फेंका गया है। करीब एक घंटे तक तलाश के बाद पुलिस ने शव बरामद कर मोर्चरी भिजवा दिया। सतीश के जबड़े के पास गोली लगी हुई थी।
युवक की हत्या से परिजनों के साथ ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने पुलिस पर परिजनों को शव नहीं दिखाने और प्रधान की भूमिका संदिग्ध होने का आरोप लगाते हुए कुंडा थाने के आगे एनएच 74 को जाम कर दिया। जाम खुलवाने आए सीओ को लोगों का भारी विरोध झेलना पड़ा। इसी बीच एएसपी कमलेश उपाध्याय, जसपुर एसडीएम एचएस मर्तोलिया और पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल ने लोगों को समझाने और शांत करने की कोशिश की।
कमरे में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की वार्ता चल ही रही थी कि सड़क जाम कर रहे लोगों ने थाने के भीतर घुसकर गेट खोलने का प्रयास किया तो पुलिस ने लाठियां भांजकर उन्हें दूर खदेड़ दिया। गुस्साए लोगों ने पुलिसकर्मियों पर खूब पत्थर बरसाए। मामला शांत हुआ तो प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी से वार्ता कर एसओ कुंडा को हटाने, हत्या में प्रधान को भी मुख्य आरोपी बनाने, बिना वजह लाठीचार्ज की जांच की मांग की। मृतक के चचेरे भारी मुकेश ने आरोप लगाया कि सतीश की हत्या गांव के नईम ने गोली मारकर की है। दोनों राजमिस्त्री का काम करते थे।
रात में सतीश को कोई घर से बुलाकर ले गया था। मृतक के पिता हरपाल ने नईम, नफीस, अकील के साथ ही ग्राम प्रधान सलामत को आरोपी बनाते हुए तहरीर दी है। सीओ जीसी टम्टा ने बताया कि हत्यारोपी नईम ने रात में ही प्रधान सलामत के घर जाकर बताया कि वह सतीश के साथ बैठकर शराब पी रहा था। उसके पास तमंचा था। तमंचे को देखते समय सतीश से वह चल गया और गले के पास गोली लग गई। डर के मारे वह शव को झाड़ियों में डालकर घर आ गया।
ग्राम प्रधान हत्यारोपी नईम को लेकर थाने गया और एसओ नासिर को घटना की जानकारी देकर उसे उनके हवाले कर दिया। मामला तनावपूर्ण हुआ तो कप्तान अनत शंकर ताकवाले, एएसपी रुद्रपुर पंकज भट्ट कुंडा थाने पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। कप्तान ने कहा कि प्रधान ने घटना की जानकारी गांव के तीन लोगों को दी थी। गांव में शांति बनाने के लिए हत्यारोपी को पुलिस को सौंपना और किसी को जानकारी नहीं देना तय हुआ था। एसओ ने शव को मोर्चरी भिजवाकर सूझबूझ का परिचय दिया। वार्ता के बाद ग्रामीण लौट गए।
तीन बार थाने में घुसने की कोशिश
आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने के अंदर मौजूद हत्यारोपी को कब्जे में लेने के लिए तीन बार अंदर घुसने की कोशिश की। तीसरी बार काफी समझाने पर भीड़ नहीं मानी तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस के डंडे पड़ते ही लोग बचने के लिए इधर-उधर भागते रहे। एनएच पर भी अफरातफरी की स्थिति बनी रही।
आसपास के चौकी थानों की पुलिस बुलवाई
कुंडा थाने के सामने हुए बवाल के बाद पुलिस के हाथ पांव फूल गए। भीड़ पर नियंत्रण करने के लिए जसपुर, काशीपुर, आईटीआई, बाजपुर थानों के अलावा अन्य चौकियों से भी पुलिस फोर्स बुलवाई गई। इसके अलावा फायर ब्रिगेड भी बुलाई गई थी। रुद्रपुर कोतवाल जेसी पाठक को भी स्थिति संभालने के लिए बुलाया गया।
तीन दरोगा सहित 20 चोटिल
कुंडा थाने में हुए बवाल के बाद हुए लाठीचार्ज, पथराव में तीन दरोगा सहित 20 लोगों को चोटें आईं हैं। लाठीचार्ज और भगदड़ में मृतक की मां, चाची, भाभी सहित छह महिलाएं और 11 पुरुष चोटिल हुए। इसके अलावा एसओ कुंडा नासिर हुसैन, प्रशिक्षु दरोगा जावेद और एसआई जसवीर चोटिल हुए थे।
मजदूरी करता था मृतक
मृतक सतीश मजदूरी करता है। ग्राम लालपुर बुकसौरा कालोनी निवासी हरपाल सिंह के चार पुत्रों में वह तीसरे नंबर का था। वह प्राइवेट में बीए की पढ़ाई कर रहा था। वह हत्यारोपी नईम के साथ मजदूरी भी करता था।