किच्छा बाइपास मार्ग पर स्थित एक फैक्ट्री में कार्य कर रहे साथी श्रमिक की मौत से भड़के सैकड़ों श्रमिकों ने प्रबंधन पर शोषण और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। सड़क पर जाम के कारण करीब दो घंटे तक ट्रैफिक व्यवस्था बाधित रही। पुलिस ने श्रमिकों से वार्ता कर उन्हें समझाकर जाम खुलवाया।
मूलरूप से ग्राम नकटी नारायणपुर नवाबगंज बरेली निवासी 36 वर्षीय महेंद्र पाल यहां परिवार सहित नारायण कालोनी ट्रांजिट कैंप में किराये पर रहकर किच्छा बाइपास मार्ग स्थित एसआई आटो पैक लिमिटेड में काम करता था। बताया जाता है कि बृहस्पतिवार शाम फैक्ट्री परिसर में कार्य के दौरान महेंद्र का स्वास्थ्य अचानक खराब हो गया।
उसने फैक्ट्री प्रबंधन से इलाज के लिए छुट्टी मांगी, लेकिन उसे छुट्टी नहीं दी गई। इसके पश्चात महेंद्र की हालत और खराब हो गई। इस पर साथी श्रमिकों ने फैक्ट्री परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा होते देख महेंद्र को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महेंद्र की मौत की जानकारी मिलते ही श्रमिक भड़क गए और उन्होंने फैक्ट्री में प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
श्रमिकों का कहना था कि प्रबंधन की लापरवाही के चलते महेंद्र की मौत हुई है। गुस्साए श्रमिकों ने मृतक महेंद्र के परिजनों को 5 लाख रुपये मुआवजा और उसके एक पुत्र को फैक्ट्री में रोजगार देने की मांग की। शुक्रवार सुबह सूचना मिलने पर पुलिस ने जिला अस्पताल पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
उधर सड़क पर जाम की सूचना पर सीओ मंजूनाथ टीसी, कोतवाल जेसी पाठक, ट्रांजिट कैंप थाना प्रभारी सुशील कुमार भारी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे पश्चात पुलिस अधिकारियों की श्रमिकों से हुई वार्ता के पश्चात जाम खुल सका। गुस्साए श्रमिकों का आरोप था कि फैक्ट्री प्रबंधक, फैक्ट्री संचालन में सहायक लोग और ठेकेदार श्रमिकों का उत्पीड़न करते हैं।