काशीपुर में दुर्घटना के एक मामले में जमानत के तौर पर अपना ड्राइविंग लाइसेंस देना एक चालक को महंगा पड़ा। साल भर तक कोर्ट में पेश नहीं होने पर वारंट जारी हुए तो ड्राइवर के पसीने छूट गए। थाने पहुंचे ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि उसके मालिक ने उसे एक्सीडेंट के केस में झूठा फंसाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रजपुरा रानी चप्पट निवासी मुस्तकीम रविवार को आईटीआई थाना पहुंचा। उसने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि वह छोटा हाथी चलाता है। करीब चार साल पहले वह पैगा लाइन पार निवासी एक व्यक्ति के यहां ड्राइवरी का काम करता था। करीब एक साल पहले उक्त व्यक्ति के एक मित्र ने कार से दुर्घटना कर दी। तब जिसके वहां वह ड्राइवरी करता था उस व्यक्ति ने जमानत के तौर पर उसका ड्राइविंग लाइसेंस यूपी की कोर्ट में लगा दिया। शुरू में कुछ दिन तो वह कोर्ट की तारीखों में गया लेकिन एक साल से वह किसी घरेलू काम होने से कोर्ट की तारीखों में नहीं गया। न ही उस व्यक्ति ने जिसने उसका ड्राइविंग लाइसेंस लगाया था उसने उसे कोर्ट की तारीखों की जानकारी दी। हाल ही में उसे उसके वकील ने बताया कि कोर्ट में पेश नहीं होने पर उसका वारंट जारी हो गया है। तारीख पर नहीं जाने पर उक्त व्यक्ति उसे अब मारने पीटने की धमकी दे रहा है। मुस्तकीम ने कहा कि उसे धोखे में रखकर उसका ड्राइविंग लाइसेंस जमानत के तौर पर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।