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खाते से डेढ़ करोड़ की राशि निकालने के मामले में मुकदमा दर्ज

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काशीपुर। नगर पंचायत दिनेशपुर के खाते से फर्जी चेक के आधार पर डेढ़ करोड़ रुपये निकालने के मामले में अधिशाषी अधिकारी ने मुख्य आरोपी समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
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नगर पंचायत दिनेशपुर का उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की दिनेशपुर शाखा में खाता है। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रथम किश्त के रूप में 4.8 करोड़ रुपये की राशि स्थानांतरित की गई। नगर पंचायत अध्यक्ष के निर्देशानुसार 15 मई 2017 को इलाहाबाद बैंक की काशीपुर शाखा में नगर पंचायत का खाता खुलवा दिया गया। इसमें नगर पंचायत के विभिन्न खातों से 1.98 करोड़ रुपये जमा करा दिए गए। इसके बाद पीएम आवास योजना में आई राशि में से 3.8 करोड़ की राशि चेक द्वारा इलाहाबाद बैंक में स्थानांतरित कर दी गई। 19 जनवरी 2017 को पंजाब की अबोहर शाखा से डेढ़ करोड़ रुपये नगर पंचायत दिनेशपुर के खाते से निकाले गए। ये राशि नगर पंचायत दिनेशपुर का फर्जी चेक तैयार कर निकाली गई जबकि उसी नंबर का चेक संख्या 024034 नगर पंचायत दिनेशपुर में सुरक्षित होना पाया गया। खाते से रकम निकाले जाने का मैसेज मिलने से नगर पंचायत ईओ सकते में आ गए। उन्होंने इलाहाबाद बैंक प्रबंधन से मामले की शिकायत की। हरकत में आए बैंक प्रबंधन ने जांच की तो पता चला कि यह राशि पंजाब निवासी बजरंग कुमार सिंगला द्वारा आहरित की गई है। उसने 1.4 करोड़ रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए, जबकि 45.80 लाख की राशि उसके खाते में बची। बैंक ने तत्परता दिखाते हुए डेढ़ करोड़ की पूरी रकम नगर पंचायत दिनेशपुर के खाते में वापस जमा करा दिया। मामला उजागर होने पर डीएम ऊधमसिंह नगर ने मामले की जांच एसडीएम बाजपुर पीसी राणा, संयुक्त निदेशक विधि केएस चौहान को सौंपी। दोनों ने अपनी जांच रिपोर्ट में पंजाब निवासी बजरंग सिंगला, बैंक के शाखा प्रबंधन को प्रथम दृष्ट्या दोषी पाया। साथ ही नगर पंचायत के चेयरमैन, ईओ की भूमिका को संदिग्ध माना। डीएम के आदेश पर दिनेशपुर नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी ने रकम निकालने के आरोपी सिंगला समेत अन्य के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।

नगर पंचायत दिनेशपुर के ईओ, अध्यक्ष की भूमिका पर उठे सवाल
काशीपुर। नगर पंचायत दिनेशपुर के खाते से डेढ़ करोड़ की रकम निकालने के मामले में की गई जांच में अधिशाषी अधिकारी, अध्यक्ष की भूमिका भी संदिग्ध मानी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच के दौरान दोनों यह स्पष्ट नहीं कर सके कि उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की दिनेशपुर शाखा में खाता होने के बावजूद वहां से 50 किमी दूर इलाहाबाद बैंक की काशीपुर शाखा में खाता क्यों खोला गया? मामला प्रकाश में आने पर बैंक प्रबंधन अथवा षडयंत्रकारी के विरुद्ध पंचायत स्तर से क्या कार्रवाई की गई। षडयंत्रकारी को नगर पंचायत की खाता संख्या, चेक नंबर, मोहर आदि की जानकारी कैसे हुई। इन सभी बिंदुओं पर ईओ, चेयरमैन की भूमिका संदिग्ध बताई गई है।
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