पुलिस ने ऑटो लिफ्टर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर चोरी की आठ बाइकें बरामद की हैं। उनका तीसरा साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस के हत्थे चढ़े दोनों सदस्य नाबालिग हैं। उन्हें एक बाइक चुराने की एवज में डेढ़ से दो हजार रुपये मिलते थे।
बृहस्पतिवार को थानाध्यक्ष ललित मोहन जोशी ने थाने में घटना का खुलासा किया। बताया कि बृहस्पतिवार की तड़के सूचना मिली कि चोरी की तीन बाइकों से तीन युवक सकैनिया से गदरपुर की तरफ आ रहे हैं। पुलिस टीम ने सकैनिया रोड स्थित रजपुरा के पास चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस ने दो बाइकों पर आ रहे दो संदिग्धों को धर दबोचा, जबकि उनका तीसरा साथी बाइक छोड़कर फरार हो गया। पकड़े गए दोनों किशोरों ने बताया कि दोनों बाइकें चोरी की हैं। फरार साथी का नाम परमजीत उर्फ पम्मा निवासी ग्राम कलकत्ता बताया। उनकी निशानदेही पर मिलक खानम रामपुर स्थित उनके घर पर दबिश देकर चोरी की पांच बाइकें बरामद की गईं।
थानाध्यक्ष ने बताया बीती 27 जनवरी को 12 बाइकों के साथ दो आटोलिफ्टर पकड़े गए थे, ये किशोर भी उसी गिरोह से जुड़े हैं। जेल गया गिरोह का सरगना सतपाल कांबोज आरोपियों को बाइक चुराने की एवज में डेढ़ से दो हजार रुपये देता था। एक किशोर बाइक का लॉक आसानी से खोल देता है। बताया कि आरोपियों के नाबालिग होने पर उन्हें किशोर जेल भेजा जाएगा। टीम में एसआई ललित बिष्ट, प्रदीप शर्मा, मनोहर चंद, जावेद हसन, बबीता, भूपेंद्र सिंह, रवींद्र सिंह, सुरेश कुमार, गोविंद यादव आदि थे।