आईटीआई पुलिस ने अंतरराज्यीय आटो लिफ्टर गैंग के तीन सदस्यों को दबोचा है। उनकी निशानदेही पर दिल्ली और अन्य जगहों से चुराई गई 33 बाइकें बरामद हुई हैं। तीन दिन में दूसरा अंतरराज्जीय आटो लिफ्टर गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा है। प्रदेश में पहली बार आटोलिफ्टरों से इतनी बड़ी संख्या में बाइकें बरामद होने का दावा अधिकारी कर रहे हैं। मंगलवार को आईटीआई थाने में सीओ जीसी टम्टा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि सोमवार को मुखबिर ने टीम को सूचना दी कि वाहन चोर गिरोह के तीन सदस्य रुद्रपुर से काशीपुर आ रहे हैं।
टीम ने जैतपुर मोड़ पर वाहन चेकिंग की तो एक स्कूटी और दो अपाची बाइक पर आ रहे तीन संदिग्ध युवकों को पकड़ा लिया। जब उनसे वाहनों के कागजात मांगे गए तो वे सकपकाने लगे। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने वाहन चोरी के होने की बात कबूली। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम अरमान निवासी ग्राम परमानंदपुर थाना आईटीआई, शाहनवाज निवासी ग्राम घोसीपुरा थाना स्वार रामपुर, जाबिर हुसैन निवासी ग्राम अभयराजपुर थाना अफजलगढ़ बिजनौर बताया।
बताया कि गिरोह का सरगना दिल्ली में रहता है। वह विभिन्न जगहों से बाइकें चुराने के बाद बेचने के लिए उनके पास भेजता है। वे लोगों को चोरी की बाइकें बेचते हैं। सीओ ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर बेगमाबाद में आईजीएल प्लांट के पीछे जंगल में बनी कच्ची झोपड़ी और जंगल से चोरी की 30 और बाइक, स्कूटी बरामद की है।
अकरम है गिरोह का सरगना
सीओ टम्टा ने बताया कि वाहन चोर गिरोह का सरगना दिल्ली निवासी अकरम है। वह दिल्ली में बैठकर गिरोह को चलाता है। एक राज्य से बाइकेें चुराने के बाद उन्हें बेचने के लिए दूसरे राज्य में रखे गए कैरियरों के पास भेज देता है। आटोलिफ्टर गैंग से राज्य में पहली बार इतनी अधिक संख्या में बाइकें बरामद हुुई हैं। पुलिस अकरम की तलाश में दिल्ली जाएगी।
दिल्ली की हैं सबसे ज्यादा 27 बाइक
आरोपियों की निशानदेही पर बरामद 33 बाइक, स्कूटी में से सबसे ज्यादा 27 बाइकें दिल्ली से चुराई गई हैं। इसके अलावा 1 मुरादाबाद , 1 अमरोहा, 2 काशीपुर, 2 रामनगर से बाइक, स्कूटी चुराई गई हैं। सीओ टम्टा ने बताया कि दिल्ली के विभिन्न थानों से चोरी हुए दोपहिया वाहनों की सूची मंगाई जा रही है।
जिन वाहनों की सूची नहीं मिलेगी, उनके चेचिस और इंजन नंबर के आधार पर मालिक का पता लगाया जाएगा। बरामद 33 बाइकों में से हीरो स्पलेंडर 21, टीवीएस अपाचे 4, यामाह एफ टू 2, बजाज डिस्कवर 1, प्लेटिना 1, स्कूटी 2, पल्सर 1, सीडी डान 1 शामिल हैं। बरामद बाइकें 50 हजार रुपये से लेकर सवा लाख रुपये तक की हैं।
टीम को 14 हजार रुपये का इनाम
आटोलिफ्टरों को पकड़ने वाली टीम की आला अधिकारियों ने पीठ थपथपाई है। टीम को डीआईजी ने 5 हजार, कप्तान ने ढाई हजार, एएसपपी ने डेढ़ हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है। पार्षद सुनील पांडे ने भी टीम को पांच हजार रुपये देने की घोषणा की। टीम में एसओ नरेश चौहान, एसआई जसवीर सिंह चौहान, बीएस, खाती, प्रदीप पंत, पुष्कर भट्ट, कांस्टेबल खीम सिंह, संजय कुमार, जितेन्द्र सिंह, विनय कुमार, केदार सिंह, ध्यान सिंह, ज्ञानेन्द्र नीरज कुमार, हिमांशु थे।