लगातार जैव चिकित्सीय कचरे के निस्तारण के लिए स्वास्थ्य विभाग कतई गंभीर नहीं है। पीसीबी के नोटिस मिलने के बाद भी कोई कदम कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। सरकारी अस्पताल से निकले जैव चिकित्सीय कचरे को कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में बनी पार्किंग में ही फेंक दिया। जब कचरे के संबंध में अस्पताल अधीक्षक को बताया गया तो उन्होंने आनन-फानन में कचरा जलवा दिया।
दरअसल, एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल में नमूना कक्ष, लेबर कक्ष के अलावा अन्य कक्षों में भी बायोमेडिकल वेस्ट के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखे हैं। बीते दिनों जांच को आई कायाकल्प की टीम ने इन डिब्बों पर लेबल नहीं लगे होने पर नाराजगी जाहिर की थी। मंगलवार सुबह कर्मचारियों ने कक्षों की सफाई कर कूड़ा जलाने के लिए पार्किंग में डाल दिया। इस कूड़े में पेशाब जांच यंत्र, गर्भ जांच किट, प्लास्टिक की खाली डिब्बी पड़ी मिलीं, जबकि सीएमएस ने सुबह अस्पताल का दौरा भी किया था, लेकिन फिर भी अस्पताल का कचरा यूं ही डाल दिया गया। दोपहर बाद मीडिया कर्मियों ने अस्पताल अधीक्षक से इस पर जवाब मांगा तो उन्होंने कर्मचारियों से कूड़ा जलवा दिया।