शासन के निर्देश पर तहसीलदार खीम सिंह बिष्ट ने संजय रेलवे पार्क में जीर्णोद्धार के नाम पर 30 लाख खर्च करने के मामले की जांच शुरू कर दी है। जीर्णोद्धार के नाम पर अनियमितताओं होने की शिकायतें नगर के प्रबुद्ध नागरिकों ने शासन से की गई थी। बिना रेलवे की एनओसी के लाखों खर्च करने के मामले की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई।
नगर पालिका के रिकार्डों की मानें तो संजय रेलवे पार्क के जीर्णोद्धार के लिए अवस्थापना निधि से 30 लाख अवमुक्त हुए हैं। जिसमें निर्माण इकाई ने किसी ठेकेदार के नाम से पांच लाख रुपये प्रकाश व्यवस्था एवं लगभग 13 लाख रुपये निर्माण के मद में खर्च किए हैं। नगर पालिका के नवागंतुक अधिशासी अधिकारी डीके तिवारी ने गड़बड़ी की आशंका पर भुगतान पर रोक लगा दी।
शासन ने जीर्णोद्धार के नाम पर हो रहे सरकारी धन के दुरुपयोग की जांच के निर्देश जारी कर तहसीलदार बिष्ट को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। तहसीलदार बिष्ट ने जांच संपन्न कराने के लिए जीर्णोद्धार संबंधी अभिलेख नगर पालिका से तलब कराए हैं। जीर्णोद्धार कार्य के लिए शासन से 17 लाख रूप और निर्गत होने हैं। रेलवे की जमीन पर बने संजय रेलवे पार्क के जीर्णोद्धार के लिए 47 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे।