दरोगा के साथ धक्कामुक्की करने व सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोपी नेता पुत्र के परिजनों ने कोतवाली पहुंचकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि आरोपी मानसिक अवसाद की स्थिति में रहता है। उन्होंने उसके उपचार से संबंधित दस्तावेज भी विवेचना अधिकारी को सौंपे। परिजनों ने मुकदमा करने वाले दरोगा से रिपोर्ट वापस लेने की गुहार लगाई।
29 दिसंबर को टांडा उज्जैन चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक संदीप पिलख्वाल ने पार्षद सर्वेश बाली के पुत्र हर्षित के विरुद्ध धक्कामुक्की करने व सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। उनका कहना था कि आवास-विकास मोड़ पर वाहन चेकिंग के दौरान अपने मित्र को छुड़ाने आए पार्षद पुत्र ने उसके साथ अभद्रता की।
सोमवार को आरोपी के चाचा दीपक बाली और भाजपा नेता गुरुविंदर सिंह चंडोक ने कोतवाली पहुंचकर कोतवाल चंचल शर्मा, मुकदमे के वादी उपनिरीक्षक पिलखवाल से वार्ता की। उनका कहना था कि आरोपी मानसिक अवसाद की स्थिति में रहता है। उन्होंने उसके उपचार से संबंधित दस्तावेज भी विवेचना अधिकारी दिनेश फर्त्याल को सौंपे। उन्होंने आरोपी की मानसिक स्थिति को देखते हुए सहानुभूति के आधार पर मुकदमा समाप्त कराने का अनुरोध किया है। कोतवाल चंचल शर्मा ने बताया कि आरोपी पक्ष की ओर से अपना पक्ष रख दिया गया है। अब यह वादी पर निर्भर है कि उनका रुख क्या रहता है।