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इलाहाबाद बैंक प्रबंधन ने व्यापारियों को लौटाए 1.80 लाख रुपये

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रुद्रपुर में चेकों पर ओवरराइटिंग कर दो व्यापारियों को लाखों का चूना लगाने के मामले में व्यापारियों के आक्रोश को देखते हुई इलाहाबाद बैंक प्रबंधन ने व्यापारियों को 1.80 लाख का भुगतान कर दिया है। बैंक प्रबंधन का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। फर्जीवाड़े से रकम निकालने वालों का जल्द ही पता लगा लिया जाएगा।
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बता दें कि बीती 15 फरवरी को सुभम ट्रेडस के मालिक अनिल अग्रवाल ने एनईएफटी के लिए एक लाख का एक चेक इलाहाबाद बैंक में जमा किया। इसी दिन व्यापारी अनिल अदलखा ने भी अपने कर्मचारी के हाथ 80 हजार का चेक जमा कराया। अगले दिन दोनों के मोबाइल पर मैसेज आया कि उनके चेक कैश करा लिए गए हैं, लेकिन जिन्हें यह रकम मिलनी थी, उन्हें नहीं मिली। इस पर व्यापारी बैंक पहुंचे पर बैंक प्रबंधन ने उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

व्यापारियों के आक्रोश को देखते हुए बीते मंगलवार को देहरादून से बैंक के लॉ ऑफिसर अनुराग ठाकुर और सीनियर मैनेजर उमेश जोशी बैक पहुंचे और व्यापारियों से वार्ता कर मामले का समाधान निकालने का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई हल नहीं निकल ने पर बुधवार को व्यापारियों ने तालाबंदी कर धरना दिया था। व्यापारियों ने बैंक प्रबंधन का चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनका पैसा वापस नहीं मिला तो वह प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे।
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मामले में शुक्रवार को बैंक प्रबंधन ने व्यापारियों के शिष्टमंडल से वार्ता कर व्यापारी अनिल अग्रवाल और अनिल अदलखा को रकम लौटा दी। वार्ता करने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा, जिलाध्यक्ष राजेश बंसल, बजरंग लाल गर्ग, सुशील गाबा, हरीश अरोरा, राजेश कामरा, कवंलजीत सिंह आदि थे।

व्यापारियों के आक्रोश और बैंक के प्रभावित हो रहे कामकाज को देखते हुए फिलहाल बैंक कर्मचारियों के आपसी सहयोग से व्यापारियों को उनकी रकम का भुगतान कर दिया गया है। मामले की जांच जारी है। जल्द ही फर्जीवाड़ा करने वाले को पकड़ा जाएगा।
केके अग्रवाल, मैनेजर इलाहाबाद बैंक।

फोटो 23आरडीपी 10पी: रुद्रपुर के इलाहाबाद बैंक में बैंक की ओर से लौटाए चेक दिखाते व्यापारी।
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चेक बाउंस होने पर छह माह की सजा
काशीपुर। मोहल्ला पक्काकोट निवासी दीपक शर्मा ने अपने अधिवक्ता गोपाल कृष्ण की ओर से न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर किया था। इसमें कहा था कि परिवादी ने 18 अगस्त 2012 को कुर्मांचल कालोनी निवासी वैभव विश्नोई को बैंक खाते से निकालकर 90 हजार रुपये की राशि उधार दी थी। उसने छह माह की अवधि में रकम लौटाने का आश्वासन दिया। रकम वापसी का तकादा करने पर उसने चार जून 2015 को ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स काशीपुर शाखा का 90 हजार की राशि का एक चेक दिया था, जो कि बाउंस हो गया। परिवादी की ओर से न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। उधर, जवाब में प्रतिवादी ने कहा कि उसे परिवादी को कोई रकम नहीं देनी थी। उसका उक्त चेक गुम हो गया था। जो परिवादी के हाथ लग गया। इसकी सूचना बैंक व पुलिस को दे दी गई थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट शमा परवीन ने संबंधित पक्षों के साक्ष्यों व पत्रावली का अवलोकन कर अभियुक्त वैभव को धारा 138 एनआई एक्ट का दोषी माना। न्यायालय ने अभियुक्त को छह माह के साधारण कारावास व एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश पारित किया। अर्थदंड जमा न करने पर अभियुक्त को दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
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पुलिस ने ठगी के आरोपी को भेजा जेल
जसपुर। विदेश में नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक लाख रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मोहल्ला नई बस्ती निवासी मो. यूनुस पुत्र शकूर अहमद ने दर्ज रिपोर्ट में कहा कि 11 मार्च 2017 को वसीम निवासी मोहल्ला जुलाहान और शमशाद निवासी ग्राम सलेमपुर थाना कांठ मुरादाबाद ने उसके पुत्र साजिद को सऊदी अरब में नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये की ठगी की थी। कोतवाल अब्दुल कलाम ने बताया कि आरोपी शमशाद ठाकुरद्वारा, काशीपुर, भोजपुर आदि थाना क्षेत्रों में दर्जनों युवकों को विदेश में नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। उसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। बृहस्पतिवार की शाम को मुखबिर की सुचना पर शमशाद को महुवाडाबरा के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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फोटो: 23केएसपी 04पी- जसपुर पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
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