रुद्रपुर में तराई केंद्रीय वन प्रभाग की टांडा रेंज के जंगल से खैर के पेड़ कटने के मामले में अज्ञात तस्करों के खिलाफ वन अपराध दर्ज कर उनको चिन्हित करने की कार्रवाई की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक आधा दर्जन खैर के पेड़ कटे थे। जबकि रेंजर केवल एक पेड़ कटने की बात कह रहे हैं।
बता दें कि टांडा रेंज के धीमरी ब्लॉक के प्लाट संख्या चार में घुसपैठ कर तस्करों ने आधा दर्जन खैर के पेड़ों में आरी चला दी थी। पेड़ों से गिल्टे बनाकर तस्कर अपने साथ ले गए थे। पेड़ कटने की भनक लगने के बाद वनकर्मियों ने एक पेड़ से बनाए गए पांच गिल्टों को कब्जे में ले लिया था। बताया जा रहा है कि तीन दिनों तक वनकर्मियों ने गिल्टों को मौके पर रखकर रात दिन चौकीदारी कर तस्करों के आने का इंतजार किया था। लेकिन वनकर्मियों की चौकसी देख तस्कर वहां नहीं आए थे। इसके बाद वनकर्मियों ने काटे गए गिल्टों को संजय वन में रखवा लिया था। रेंजर भूपाल सिंह मेहता ने बताया कि आधा दर्जन पेड़ कटने की बात सही नहीं है। एक ही खैर का पेड़ तस्करों ने काटा था, जिसके गिल्टे कब्जे में लिए जा चुके हैं। जो खूंट वहां हैं, वह उनके कार्यकाल से पहले के होंगे। बताया कि बीटकर्मी ने अज्ञात के खिलाफ वन अपराध दर्ज किया है। तस्करों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।