एनएच-74 में तीन फोरलेन बाइपास तैयार
रुद्रपुर। कार्यदायी संस्था ने एनएच-74 में काशीपुर से लेकर सितारगंज तक 77 किमी के फोरलेन का काम पूरा कर दिया है लेकिन जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते 12 किमी का दायरा भूमि और विवादित स्थलों के चलते फंस गया है। एनएच-74 के तीन बडे़ बाइपास फोरलेन चालू हो गए हैं, इनमें दोराहा बाइपास, केलाखेड़ा बाइपास, सितारगंज बाइपास शामिल हैं। अब गदरपुर बाइपास, रुद्रपुर शहर, किच्छा पुलभट्ठा की 12 किमी सड़क में भूमि विवाद लंबित है। इसे सुलझाने में अभी जिला प्रशासन को समय लग सकता है। भूमि विवादों का मसला तभी हल हो पाएगा जब, कोषागार के डबल लॉक से रिकॉर्ड जिला प्रशासन, एसएलओ ऑफिस को मिलेगा। फिलहाल इस बरसात से पहले कार्यदायी संस्था गल्फार को 77 किमी का काम पूरा करना था जो उन्होंने अपने स्तर से 65 किमी का काम पूरा कर दिया है। एनएच-74 में वर्तमान में बाइपास के निर्माण से आवागमन भी सुविधाजनक हो गया है, लेकिन मामला अब 12 किमी का है जिसे जिला प्रशासन को ही सुलझाना है।
काशीपुर से सितारगंज के बीच जो तीन बाइपास तैयार हो चुके हैं, उनमें सबसे ज्यादा जाम की परेशानी दोराहा, केलाखेड़ा, सितारगंज में ही होती रही है। इनके निर्माण के बाद ट्रैफिक बिना जाम के चल रहा है। मामला अब 12 किमी का है। इसे अगर जिला प्रशासन से जुलाई तक भी सुलझा दिया तो फिर बरसात के बाद यह 12 किमी का काम भी गति पकड़ लेगा। काशीपुर से सितारगंज का सफर भी ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इस बारे में कार्यदायी संस्था गल्फार के प्रबंधक पीके चौधरी का कहना है कि 77 किमी के काम इसी माह पूरा कर लिया जाता लेकिन 12 किमी क्षेत्र में विवादों के कारण मामला अटका पड़ा है। विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलओ) एनएस नबियाल का कहना है कि गदरपुर, रुद्रपुर, किच्छा क्षेत्र में जमीनी विवाद के कारण यहां पर नया अधिग्रहण होना है। इसलिए इसके लिए प्रस्ताव भेजा है, अभी जमीनी मामलों का सारा रिकॉर्ड भी डबल लॉक में बंद होने से दिक्कत है।
चालू, 12 किमी में विवाद का अड़ंगा
कशीपुर से सितारगंज के बीच 77 किमी में 65 किमी काम पूरा