काशीपुर में एक युवक का अपहरण करने के मामले में कुंडा पुलिस ने धामपुर में दबिश देकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से अगवा युवक को छुड़वा लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने रकम वापसी को दबाव बनाने के लिए ही अपहरण कर बंधक बनाने की बात कबूली है।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोबाइल बरामद कर लिया है। बाबरखेड़ा के मझरा श्यामनगर कॉलोनी निवासी रामकिशोर का पुत्र मूलचंद्र उर्फ चंदन दिल्ली की एक कंपनी में बतौर एजेंट काम करता था। मूलचंद्र की धामपुर निवासी खिमांशु से जान पहचान थी।
21 नवंबर 2018 को मूलचंद्र ने धामपुर निवासी एक व्यक्ति की पुत्री से दिल्ली के एक बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये ले लिए थे। इसके अलावा मूलचंद्र ने सात दिसंबर 2018 को खिमांशु के एक और मित्र सुबोध कुमार से भी एक लाख रुपये ले लिए थे। लेकिन दोनों की नौकरी नहीं लगी। रकम वापस मांगने पर मूलचंद्र टालमटोल करता रहा। कुछ दिन पहले मूलचंद्र अपने गांव लौटा था।
दो जुलाई की रात खिमांशु ने उसे फोन कर बात करने के लिए जसपुर बुलाया। लेकिन उसने उन्हें काशीपुर मिलने को कहा। रात करीब नौ बजे खिमांशु और उसके साथी काशीपुर पहुंचे। ढाई लाख न देने पर मूलचंद्र को कार में डालकर ले गए। तीन जुलाई की सुबह रामकिशोर के मोबाइल पर कॉल करने वाले ने कहा कि हमने तुम्हारे पुत्र का अपहरण कर बंधक बना रखा है।
सीओ मनोज कुमार ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाया तो उसकी लोकेशन धामपुर क्षेत्र में होना पाई गई है। इस पर पुलिस टीम ने धामपुर में दबिश देकर एक आरोपी के घर से मूलचंद्र को मुक्त करा लिया।
इस मामले में पुलिस ने नूरपुर (बिजनौर) निवासी प्रदीप कुमार, भगवंतपुर, जसपुर निवासी विक्की कुमार, पट्टी चौहानान, जसपुर निवासी अमित गहलौत, मंडुवाखेड़ा निवासी आशीष कुमार, धामपुर बिजनौर निवासी खिमांशु को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक प्रदीप शर्मा, कांस्टेबल वीरेंद्र राणा, जमशेद अली, अमित कुमार, इंद्रप्रकाश आदि शामिल है।