सितारगंज में सेंट्रल जेल में दो कैदियों के बीच कहासुनी के बाद संघर्ष हो गया। एक नेपाली कैदी ने दूसरे कैदी पर मुखबिरी करने का आरोप लगाते हुए ब्लेड से उस पर हमला कर दिया। जेल में कड़ी सुरक्षा के बावजूद वहां ब्लेड का पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा रहा है। जेलर ने बताया कि मामले की जांच के बाद रिपोर्ट कार्यवाहक जेल अधीक्षक/एसडीएम मनीष बिष्ट को दी जाएगी।
जेलर जयंत पांगती ने बताया कि बीते बुधवार को सेंट्रल जेल में दुष्कर्म और हत्या के आरोप में बंद अंडर ट्रायल के कैदी सुनील यादव और अल्मोड़ा एवं दिल्ली में डकैती व हत्या के मामले के आरोप में यहां बंद कैदी गौरव उर्फ नेपाली के बीच संघर्ष हो गया था। इसमें नेपाली ने सुनील के गाल पर ब्लेड से हमला कर घायल कर दिया था। सुनील का सीएचसी में इलाज कराया गया। जेलर ने बताया कि मामले में सीसीटीवी फुटेज जांची गई है। अभी तक की जांच में सामने आया कि नेपाली ने सुनील के गाल पर ब्लेड मारा था। नेपाली का कहना है कि सुनील उसकी मुखबिरी करता था। बताया कि जेल में कैदियों से मुलाकात भी सुरक्षा के घेरे में होती है। गेट पर सख्त पहरा और तलाशी के कारण नेपाली को उस पर मुखबिरी का शक था। इस वजह से उसने मारपीट कर दी। मामले की जांच पूरी करने के बाद कार्रवाई के लिए रिपोर्ट कार्यवाहक जेल अधीक्षक एसडीएम मनीष बिष्ट को दी जाएगी। जेल में कैदियों की कड़ी निगरानी के बावजूद कैदी के पास ब्लेड निकलना सुरक्षा पर सवाल है। हालांकि जेलर से इस बाबत पूछने पर उन्होंने कहा कि कैदियों के दाढ़ी बनाने की वजह से बैरक तक ब्लेड पहुंच जाते हैं। वह इस एंगल पर भी जांच करेंगे।