काशीपुर। बिहार एसटीएफ ने रंगदारी नहीं देने पर सिवान के चर्चित ठेकेदार की हत्या करने के आरोपी रोहित सिंह उर्फ सन्नी को काशीपुर में दबिश देकर धर दबोचा, जबकि उसका साथी भागने में कामयाब हो गया।
पकड़ा गया आरोपी कुख्यात चंदन सिंह के गिरोह का बताया गया है। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का ईनाम था। बिहार पुलिस उसे अपने साथ ले गई है। बिहार के जिला सिवान थाना एमएचनगर क्षेत्र में नौ दिसंबर 2018 को कमला कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार सुमित कुमार की पंडौली नहर में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस के मुताबिक बिहार की मुजफ्फरपुर जेल में बंद कुख्यात तस्कर चंदन सिंह ने ठेकेदार सुमित से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी नहीं देने पर चंदन के गुर्गों ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। 13 दिसंबर 2018 को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 4.50 लाख रुपये की नकदी, दो बाइक और हत्या में प्रयुक्त पिस्टल और देसी तमंचे बरामद किए थे।
इस मामले में रोहित सिंह फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर बिहार पुलिस ने 25 हजार रुपये का ईनाम रखा था। पुलिस ने सभी हत्यारोपियों के खिलाफ अदालत में अभियोग पत्र दायर किया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट- 6 (सिवान) की अदालत से उसका गैर जमानती वारंट चल रहा था। इस बीच बिहार एसटीएफ ने उत्तराखंड से मिले इनपुट के आधार पर शनिवार को दबिश देकर मानपुर रोड से हत्यारोपी रोहित को धर दबोचा।
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अपराधियों की शरणस्थली बना काशीपुर
काशीपुर। बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन के लिए पुलिस अभियान तो चलाती है लेकिन सत्यापन के दावे खोखले ही नजर आ रहे है। काशीपुर व आस-पास के थानों में दूसरे प्रदेशों से अपराध कर भागे आरोपी शरण लिए हुए है।
काशीपुर में बिहार के 25 हजार के इनामी रोहित सिंह उर्फ सन्नी की गिरफ्तारी से बीट पुलिस की सक्रियता पर सवालिया निशान लग गए हैं। काशीपुर व आस-पास के थानों में सप्ताह के एक दिन बाहरी प्रदेशों से आकर बसे लोगों का सत्यापन करने के लिए पुलिस टीमों द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस ने पिछले दो वर्षों के दौरान हजारों की संख्या में किरायेदारों के सत्यापन फार्म भरे। बावजूद इसके बाहरी प्रदेशों के शातिर अपराधी यहां छिपकर अपना रोजगार कर रहे है। सन्नी भी पिछले 20 दिनों से काशीपुर में डेरा डाले हुए था।
इससे पहले भी हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली व बिहार में अपराध कर काशीपुर में आकर छिपे कई शातिर अपराधी पकड़े जा चुके हैं। कहना गलत नहीं होगा कि संबंधित बीट के पुलिस कर्मी अंजान व्यक्ति की गतिविधियों से पूरी तरह अनभिज्ञ रहते है और अपराधी यहां मौज करते हैं।