काशीपुर। दाखिल खारिज की फाइल पर रिपोर्ट न लगाने पर तहसील में अधिवक्ता व अरायजनवीस भड़क उठे। उन्होंने लेखपाल का घेराव कर उन्हें खरी-खोटी सुनाई। किसी तरह उनके चंगुल से छूटे लेखपाल ने तहसीलदार के कार्यालय में पहुंचकर शरण ली।
तहसील परिसर के अधिवक्ताओं व अराजयनवीसो का आरोप है कि एक लेखपाल द्वारा जरूरी कार्यो को अनावश्यक रूप से लटकाए रखा जाता है। स्थाई, जाति व आय प्रमाण पत्र आदि के आवेदनों पर समयबद्ध अवधि में लेखपाल द्वारा रिपोर्ट न लगाने से फरियादियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे लोगों के जरूरी प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे है। उनके स्तर पर एक माह से अधिक अवधि के आवेदन लंबित है।
बुधवार को एक अधिवक्ता किसी व्यक्ति के दाखिल खारिज की फाइल लेकर उक्त लेखपाल के पास पहुंचे। लेखपाल ने उस पर रिपोर्ट लगाने से मना कर दिया। इस बात की जानकारी होने पर तमाम अधिवक्ता व अरायजनवीस एकत्र हो गए। उन्होंने लेखपाल का घेराव कर उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई।
लेखपाल को भागकर तहसीलदार के कार्यालय में शरण लेनी पड़ी। इस मामले में तहसीलदार को शिकायत सौंपी गई है। वहीं लेखपाल का कहना है कि अधिवक्ता द्वारा जिस भूमि की दाखिल खारिज पत्रावली मेें रिपोर्ट लगाने के लिए दबाव बनाया गया, उसकी भूमि का मुकदमा सिविल न्यायालय में लंबित है।