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फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी से हुई लूट का खुलासा, तीन धरे

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किच्छा। पिछले दिनों किच्छा हाइवे पर हुई ढाई लाख की लूट का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन बदमाशों को लूटी गई रकम और तमंचों के साथ गिरफ्तार किया है। लूट की साजिश कंपनी के ही एक अन्य कर्मचारी ने बनाई थी। पुलिस मामले में फरार एक आरोपी को पकड़ने में जुटी है। एसएसपी ने एसओजी और पुलिस टीम को ढाई हजार, एएसपी ने डेढ़ हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
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मंगलवार को एएसपी देवेंद्र पींचा ने कोतवाली में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बीती 31 जनवरी की रात को बरेली की एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी संजीव कुमार से तीन बदमाशों ने तमंचे के बल पर ढाई लाख रुपये लूट लिए थे। घटना के बाद कंपनी के स्वामी लक्ष्मीकांत मिश्रा निवासी राधिका एन्कलेव मिनीबाई पास रोड इज्जतनगर (बरेली) ने कोतवाली में दी तहरीर में संजीव कुमार पर ही मुकदमा दर्ज करा दिया था। कंपनी मालिक का कहना था कि संजीव इससे पहले भी 55 हजार रुपये चोरी कर चुका था और उस समय इसे छोड़ दिया गया था। एएसपी ने बताया कि एसओजी और पुलिस टीम मामले की जांच में लगी तो पता चला कि राज सिंह निवासी इस्लामनगर नानकमत्ता भी इसी कंपनी में काम करता है।
राज सिंह ने रेशम सिंह निवासी इस्लामनगर, जोगेंद्र सिंह और अमन निवासी कालागढ़ के साथ लूट की साजिश रची थी। घटना वाले दिन जब संजीव रुपये लेकर सितारगंज से चला तो राज सिंह बिज्टी तक संजीव के साथ आया था और खुद बिज्टी में ही रुक गया था। उसने तीनों को इशारा कर संजीव के पीछे लगा दिया था।
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नालंदा स्कूल के पास मौका देख तीनों ने तमंचों के बल पर लूट की घटना को अंजाम दिया। एएसपी ने बताया कि राज सिंह, रेशम सिंह व जोगेंद्र सिंह को किच्छा बैराज पर मुखबिर की सूचना गिरफ्तार किया गया। राज सिंह से 48 हजार, रेशम से 43 हजार व जोगेंद्र सिंह से भी 43 हजार रुपये के साथ तमंचे व कारतूस बरामद किए गए। मामले में लिप्त चौथे आरोपी अमन की तलाश में दबिश दी जा रही है। टीम में सीओ सितारगंज हिमांशु शाह, एसएसआई मदन मोहन जोशी, सतपाल सिंह पटवाल, नवीन बुधानी, संजय धौनी, देवराज सिंह, कुलदीप आर्य, सुरेश बिष्ट, देवेंद्र कान्याल, व एसओजी के तुषार बोरा, पंकज कुमार, जगदीश राम आर्य, प्रकाश भगत, सुबोध शर्मा, महेंद्र डंगवाल, बलवंत सिंह, संतोष सिंह थे।

और जेल जाने से बच गया संजीव
किच्छा। पुलिस की जांच से बरेली निवासी संजीव कुमार जेल जाने से बच गया। संजीव कुमार ने उत्तराखंड पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि उसके मालिक ने उसे लुटेरा समझकर उस पर मुकदमा दर्ज करा दिया था। लेकिन, पुलिस टीम ने मेहनत करके और उसकी बात पर भरोसा कर मामले की छानबीन की थी। घटना के वास्तविक लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया। उसने एएसपी पींचा का आभार जताया है।
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