महिला पुलिस बल व पीएसी गांव में तैनात
सोमवार की सुबह को ग्रामीण व आसपास के लोगों की मृतक युवक के घर पर भीड़ लग गई। परिजनों ने अंत्येष्टि करने से साफ इन्कार कर दिया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पूरे गांव व संपर्क मार्गों को छावनी में बदल दिया गया। सितारगंज में पहले तैनात रहे पुलिस अधिकारियों को समाधान निकालने के लिए मौके पर बुलाया गया। जिले भर से फोर्स, महिला पुलिस बल व पीएसी गांव में तैनात कर दी गई।
दोपहर करीब 12:30 बजे एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने मृतक के परिजनों एवं विश्व हिंदू परिषद पदाधिकारियों से वार्ता की। परिजन आरोपितों को तत्काल गिरफ्तार करने और धारा 324 को 302 में तरमीम करने की मांग करने लगे। उन्होंने कोतवाल पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। कहा कि पुलिस ने सूचना के बाद तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की।
विहिप नेता रंदीप पोखरिया ने आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में कोतवाल का आचरण संतोषजनक नहीं रहा था। उस समय ग्रामीणों की मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद दोपहर ढाई बजे एसएसपी ने पुन: वार्ता की। तय हुआ कि कोतवाल और एसएसआई को अनिवार्य अवकाश पर भेजा जाएगा। एसपी सिटी के नेतृत्व में कोतवाल के दुर्व्यवहार की विभागीय जांच की जाएगी।
ग्रामीणों को समझाने में डटा रहा पुलिस और प्रशासनिक अमला
सितारगंज। ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए पुलिस के आला अफसर और प्रशासनिक अमला सुबह से ही गांव में डटा रहा। मृतक की अंत्येष्टि के बाद ही प्रशासनिक अफसर मौके से लौटे। एडीएम जयभारत सिंह, एसपी मनोज कुमार कत्याल, एसडीएम तुषार सैनी, तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी समेत जिलेभर के कोतवाली के निरीक्षक मौके पर पहुंचे थे। सभी ने ग्रामीणों को समझाकर मृतक की अंत्येष्टि के लिए समझाया। दिनभर विभिन्न स्तरों से वार्ता होती रही।
डीजीपी से फोन पर वार्ता के बाद भी नहीं माने ग्रामीण
सितारगंज। सोमवार को सुबह 11 बजे जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार के पति सुरेश गंगवार हल्दुआ गांव पहुंचे। उन्होंने डीजीपी से फोन पर वार्ता की। डीजीपी ने ग्रामीणों को निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया और परिजनों से अंतिम संस्कार करने का आग्रह किया लेकिन महिलाएं आरोपितों की गिरफ्तारी पर अड़ी रहीं। उन्होंने सुरेश गंगवार को भी लौटा दिया। दोपहर को विहिप नेता रंदीप पोखरिया के नेतृत्व में विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए और शव को लेकर हाईवे पर जाने की तैयारी करने लगे लेकिन एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल, एसपी अभय सिंह, सीओ ओमप्रकाश शर्मा, एसडीएम तुषार सैनी, तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी व खुफिया विभाग के अफसरों ने किसी तरह ग्रामीणों को समझाया।
कोतवाल और एसएसआई को 14 दिन के अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया गया है। पीड़ित पक्ष के पुलिस पर दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल करेंगे। मामले की तफ्तीश किच्छा कोतवाल ने शुरू कर दी है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -
डॉ. मंजूनाथ टीसी, एसएसपी ऊधम सिंह नगर।
घटना को देखते हुए हल्दुआ गांव में पीएसी तैनात की गई है जो अगले आदेश तक तैनात रहेगी। सिसैया गांव में सशस्त्र पिकेट रहेगी। अस्थायी चौकी बनने के बाद पिकेट को हटा दिया जाएगा
- मनोज कुमार कत्याल, एसपी सिटी ऊधमसिंह नगर।
हल्दुआ गांव के युवक की मौत के मामले में शासनादेश के तहत जांच के बाद पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिए जाने की संस्तुति की जाएगी। मुआवजे की संस्तुति रिपोर्ट डीएम को भेजेंगे।
- तुषार सैनी, एसडीएम सितारगंज।
ये भी पढ़ें...Dress Code In Madrasa: उत्तराखंड के मदरसों में लागू होगा ड्रेस कोड, पढ़ें 60 मॉर्डन मदरसों की क्या होगी खासियत
भाजपा जिलाध्यक्ष ने सीएम को घटना से कराया अवगत
सितारगंज। भाजपा के जिलाध्यक्ष कमल जिंदल ने हल्दुआ गांव पहुंचकर परिजनों को ढाढ़स बंधाया। उन्होंने एसएसपी से वार्ता कर मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की। कमल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर वार्ता कर उन्हें घटना की जानकारी दी। साथ ही सीएम से परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में वह परिवार के साथ हैं। संवाद